गुरुग्राम मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा बिहार सरकार का प्रतिनिधिमंडल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

शहरी प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और प्लानिंग सिस्टम की बारीकियों को समझा

गुरुग्राम, 31 जनवरी। बिहार सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को गुरुग्राम के दौरे पर पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम के प्रशासनिक ढांचे और कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया। दौरे का उद्देश्य शहरी प्रबंधन के सफल मॉडलों को समझना और उन्हें बिहार के शहरों में लागू करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करना रहा।

एमसीजी कार्यालय में हुआ औपचारिक स्वागत

प्रतिनिधिमंडल के एमसीजी कार्यालय पहुंचने पर संयुक्त आयुक्त रविन्द्र मलिक ने उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान उन्होंने एमसीजी के प्रशासनिक ढांचे, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और समन्वय प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों को बताया गया कि गुरुग्राम में शहरी सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, फील्ड सुपरविजन और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया जाता है।

सफाई व्यवस्था और प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली पर विशेष चर्चा

बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण प्रणाली और निगरानी तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सफाई निरीक्षक ने जमीनी स्तर पर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही एमसीजी की प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली, राजस्व संग्रहण के डिजिटल माध्यम और पारदर्शी प्रक्रिया को भी प्रस्तुत किया गया, जिसे प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रुचि के साथ समझा।

इंजीनियरिंग, प्लानिंग और इन्फोर्समेंट प्रक्रिया की जानकारी

एमसीजी के इंजीनियरिंग और प्लानिंग विंग की कार्यशैली पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यकारी अभियंता तथा सहायक अभियंता ने अवसंरचना विकास, सड़कों, ड्रेनेज और निर्माण कार्यों की निगरानी प्रणाली को समझाया। इन्फोर्समेंट प्रक्रिया के तहत अवैध निर्माण, ज़ोनिंग उल्लंघन और डेवलपमेंट कंट्रोल नियमों के अनुपालन की कार्रवाई से भी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया।

डिवेलपर्स लाइसेंसिंग प्रक्रिया में दिखाई रुचि

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डेवलपर्स लाइसेंसिंग प्रक्रिया के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए लाइसेंस जारी करने से पहले तकनीकी, कानूनी और प्लानिंग मानकों की जांच की जाती है। प्रतिनिधिमंडल ने साझा किया कि बिहार सरकार राज्य के 11 शहरों के योजनागत और व्यवस्थित विकास की दिशा में कार्य कर रही है और गुरुग्राम का मॉडल इस दिशा में उपयोगी मार्गदर्शन दे सकता है।

ये अधिकारी रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल

बिहार सरकार के प्रतिनिधिमंडल में विशेष सचिव राजीव कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार व विजय प्रकाश मीणा, गया शहर के निगमायुक्त अभिषेक पलासिया, एटीपी अनुपम सुनील, असिस्टेंट आर्किटेक्ट सुमित रंजन व टाउन प्लानर वैभव भटनागर शामिल थे।
एमसीजी की ओर से संयुक्त आयुक्त रविन्द्र मलिक, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, सहायक अभियंता मनोज अहलावत तथा मुख्य सफाई निरीक्षक संदीप कुमार उपस्थित रहे।

अनुभव साझा करने से मिलेगी नई दिशा

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने माना कि इस प्रकार के अंतरराज्यीय अध्ययन दौरे शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने में सहायक होते हैं। गुरुग्राम की कार्यप्रणाली से मिली सीख बिहार के उभरते शहरों के योजनागत विकास में उपयोगी साबित हो सकती है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!