गुरुग्राम | 28 जनवरी 2026 – गुरुग्राम में झूठी पहचान बताकर विवाह करने, महिला से मारपीट करने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर मामले में सेक्टर-14 थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि एक महिला गंभीर चोटों के कारण सरकारी अस्पताल सेक्टर-10, गुरुग्राम में भर्ती है। पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का बयान दर्ज किया। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में वह सेक्टर-15 स्थित एक कंपनी में इंश्योरेंस विभाग में कार्यरत थी, जहां उसकी मुलाकात तारीफ नामक व्यक्ति से हुई। तारीफ ने उसे अपने मालिक ‘आरव’ का मोबाइल नंबर दिया।
पीड़िता के अनुसार, आरव ने स्वयं को हिंदू, अविवाहित और गुरुग्राम में ठेकेदारी करने वाला बताया। विश्वास जीतने के बाद उसने 4 नवंबर 2022 को सोहना-पलवल रोड स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। बाद में पीड़िता के गर्भवती होने पर उस पर जबरन गर्भपात का दबाव बनाया गया और मारपीट की गई।
बच्चे के जन्म के बाद पीड़िता को जानकारी मिली कि आरव का असली नाम आरिफ है, वह पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं। इसके बाद उसे गांव धुनेला ले जाकर आरोपी की मां, पत्नी और अन्य परिजनों द्वारा मारपीट की गई और धर्म परिवर्तन कर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को आरोपी आरिफ उर्फ आरव ने उसके किराए के मकान पर आकर दोबारा मारपीट की और धर्म परिवर्तन न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-14, गुरुग्राम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 जनवरी 2026 को गांव धुनेला से मुख्य आरोपी आरिफ उर्फ फर्जी आरव (35 वर्ष) और उसके साथी तारीफ (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने फर्जी पहचान के सहारे पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाया और बाद में जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।







