संसद से पारित राष्ट्रीय खेल शासन एक्ट 2025 के तहत संशोधन अनिवार्य –
दिल्ली, 28 जनवरी 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने देश की सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs), राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ओलंपिक संघों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने संविधान और नियमों में राष्ट्रीय खेल शासन एक्ट 2025 के अनुसार आवश्यक संशोधन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
आईओए द्वारा 20 जनवरी 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि देश की सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ), राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश ओलंपिक संघों को 6 माह के भीतर यह प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। समय पर अनुपालन न होने की स्थिति में संबंधित संघों की आईओए से संबद्धता तथा अन्य कानूनी प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
राष्ट्रीय खेल शासन एक्ट 2025 के तहत देश की किसी भी नेशनल खेल महासंघो में अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष अधिकतम तीन कार्यकाल अथवा कुल 12 वर्ष तक ही पद पर रह सकेंगे। इसके उपरांत 4 वर्ष का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू होगा। इसके अतिरिक्त पदाधिकारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 18 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय खेल शासन एक्ट 2025 अधिसूचित किया गया था तथा 1 जनवरी 2026 से इसके कई महत्वपूर्ण प्रावधान प्रभावी हो चुके हैं। इन प्रावधानों के लागू होने से देशभर में खेल फेडरेशनों के प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी।
आईओए ने सभी नेशनल खेल महासंघों से अपेक्षा की है कि वे समयबद्ध ढंग से संशोधन प्रक्रिया पूरी कर अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
🔹 समय-सीमा
👉 6 महीने के भीतर संशोधन पूरा करने को कहा है। समय पर अनुपालन न करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
🔹 प्रमुख प्रावधान
किसी भी खेल फेडरेशन में: अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष
👉 अधिकतम 3 कार्यकाल या कुल 12 वर्ष तक ही पद पर रह सकेंगे। इसके बाद 4 वर्ष का अनिवार्य ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ होगा। पदाधिकारियों की अधिकतम आयु सीमा: 70 वर्ष तय की गई है।
🔹 संभावित प्रभाव
इन नियमों के लागू होने से: कई राज्यों के लंबे समय से जमे पदाधिकारी बाहर हो सकते हैं। मौजूदा राज्य ओलंपिक संघों के लगभग आधे पदाधिकारी प्रभावित हो सकते हैं। IOA से संबद्धता और अन्य कानूनी प्रावधानों पर भी इसका असर पड़ेगा।
भारत सरकार ने 18 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम अधिसूचित किया। 1 जनवरी 2026 से इसके कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू हो चुके हैं।









