हरियाणा सरकार में टॉप ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल, 5 IAS अधिकारियों के विभाग बदले

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हरियाणा में सत्ता का प्रशासनिक रीसेट: गृह से लेकर CM सचिवालय तक ‘अपनों’ की तैनाती

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने टॉप ब्यूरोक्रेसी में किया गया ताज़ा फेरबदल महज़ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर विश्वास, नियंत्रण और रणनीतिक संतुलन का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। गृह विभाग से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय तक सरकार ने उन अधिकारियों को आगे किया है, जिन्हें मौजूदा नेतृत्व के सबसे भरोसेमंद अफसरों की श्रेणी में गिना जाता है।

गृह विभाग पर सीधा नियंत्रण: सुधीर राजपाल की एंट्री

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सबसे संवेदनशील गृह विभाग की कमान अब सुधीर राजपाल के हाथों में सौंपी गई है। जेल, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन और वन विभाग को भी एक ही अधिकारी के अधीन लाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि लॉ-एंड-ऑर्डर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। राजनीतिक हलकों में इसे आने वाले समय की चुनौतियों को देखते हुए ‘सख़्त प्रशासनिक संदेश’ माना जा रहा है।

डॉ. सुमिता मिश्रा का पुनर्संयोजन: ताकत कम या भूमिका बदली?

गृह विभाग से हटाई गईं डॉ. सुमिता मिश्रा को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष जैसे अहम लेकिन राजनीतिक रूप से कम संवेदनशील विभाग सौंपे गए हैं। साथ ही रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी देकर यह संकेत भी दिया गया है कि सरकार प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल तो करेगी, पर रणनीतिक फैसलों में सीमित भूमिका रखेगी।

CM सचिवालय में भरोसे की मुहर: अरुण गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री के सबसे करीबी और ताकतवर पद प्रिंसिपल सेक्रेटरी की कुर्सी अब अरुण कुमार गुप्ता को सौंप दी गई है। वित्त और योजना जैसे अहम विभाग भी उनके पास होना बताता है कि सरकार अब नीतिगत फैसलों और संसाधनों पर सीधा नियंत्रण चाहती है। अनुराग रस्तोगी को इस पद से हटाया जाना सत्ता के भीतर बदलते समीकरणों की ओर इशारा करता है।

शहरी राजनीति पर फोकस: साकेत कुमार को KDB की कमान

शहरी निकाय और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की जिम्मेदारी साकेत कुमार को सौंपकर सरकार ने संकेत दिया है कि शहरी विकास और धार्मिक-पर्यटन केंद्रों को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक सक्रियता तेज़ की जाएगी।

रेवेन्यू और पंचकूला पर पकड़ मजबूत

रेवेन्यू विभाग में राम कुमार सिंह की तैनाती और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी यह दिखाती है कि सरकार ज़मीन, आपदा और शहरी नियोजन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सख़्त निगरानी चाहती है।

पंचकूला में नया चेहरा, नया संदेश

IRPS अधिकारी विनय कुमार को पंचकूला नगर निगम का कमिश्नर बनाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि भर्ती, नगर प्रशासन और शहरी प्रबंधन में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी।

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Author: Bharat Sarathi

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