भाजपा को गांधी से भी एलर्जी, मनरेगा खत्म कर गरीबों को भूखा करना चाहती है सरकार: कैप्टन अजय यादव

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मोदी सरकार उद्योगपतियों की नौकर, गांव-गरीब उसके एजेंडे में नहीं: वर्धन यादव

गुरुग्राम। यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक मनरेगा योजना पर भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे नाम और स्वरूप परिवर्तन के खिलाफ कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” अब खुला जनआंदोलन बनता जा रहा है। पटौदी विधानसभा के गांव लोकड़ा और बोहड़ा खुर्द में मंगलवार को हुए कार्यक्रमों में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गरीब-विरोधी, गांधी-विरोधी और गांव-विरोधी एजेंडा चलाने का सीधा आरोप लगाया।

कार्यक्रम में मनरेगा बचाओ समिति के चेयरमैन कैप्टन अजय यादव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।

कैप्टन अजय यादव ने कहा कि “मनरेगा कोई सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। कांग्रेस ने यह योजना इसलिए बनाई थी ताकि गरीब मज़दूर हाथ फैलाने को मजबूर न हो, बल्कि अपने पसीने से सम्मानजनक रोज़गार पा सके। लेकिन भाजपा सरकार योजनाओं को मजबूत करने की बजाय उन्हें खत्म करने की नीति पर चल रही है।”

उन्होंने कहा कि मनरेगा में बदलाव कर भाजपा इसे जानबूझकर फ्लॉप करना चाहती है। “पहले बजट काटा गया, फिर भुगतान रोका गया और अब नाम से महात्मा गांधी को हटाने की साज़िश की जा रही है। यह साफ दिखाता है कि भाजपा को न गांधी पसंद हैं, न गरीब।”

कैप्टन अजय यादव ने दो टूक कहा कि “भाजपा की यह संकीर्ण और प्रतिशोधी राजनीति देश के लिए खतरनाक है। कांग्रेस मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी, इसके लिए सड़क से संसद तक संघर्ष होगा।”

ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने कहा कि मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है— “गांव उजड़ें, गरीब मज़दूर बेरोज़गार हो और मुनाफा केवल चंद उद्योगपतियों को मिले। यही भाजपा मॉडल है।”

उन्होंने कहा कि “मनरेगा ने गांवों में पलायन रोका, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया और सामाजिक सुरक्षा दी। भाजपा सरकार नहीं चाहती कि ग्रामीण भारत मज़बूत बने, क्योंकि सशक्त गांव सत्ता से सवाल करता है।”

शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि “महात्मा गांधी इस देश की आत्मा हैं, लेकिन भाजपा अपने सत्ता के अहंकार में उस आत्मा को कुचलने पर आमादा है। मनरेगा गरीबों को जीवन देती है, जबकि भाजपा सरकार उसी जीवनरेखा को काटने में जुटी है।”

उन्होंने जनता से आह्वान किया कि “अगर आज मनरेगा चुपचाप खत्म हो गई, तो कल गरीबों के बाकी अधिकार भी छीन लिए जाएंगे। अब चुप रहने का नहीं, खुलकर लड़ने का समय है।”

कार्यक्रम में महिला जिला अध्यक्ष शैलजा भाटिया, पूर्व प्रत्याशी पर्ल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष सतबीर पहलवान, मुकेश चौधरी, सुनीता वर्मा, सुभाष सरपंच (जुड़ौला), जिला महासचिव इन्द्र यादव, हरकेश वाल्मीकि, श्यामलाल, अनिल गंडास, राजीव यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी कर विरोध दर्ज कराया।

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Author: Bharat Sarathi

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