गुरुग्राम में सफ़ाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है

गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर भी गुरुग्राम शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदगी और बदबू से आम जनता परेशान रही। यह स्थिति तथाकथित मिलेनियम सिटी गुरुग्राम की असली और शर्मनाक तस्वीर को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में हर वर्ष सफ़ाई व्यवस्था के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि शहर की सफ़ाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट नज़र आती है। सवाल यह है कि जब राष्ट्रीय पर्व के दिन भी शहर साफ़ नहीं हो सका, तो आम दिनों में बेहतर हालात की उम्मीद कैसे की जा सकती है?


चौधरी संतोख सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा फहराया गया और पूरा प्रशासन मौजूद था। इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर ही हसलापुर गांव के अंडरपास के नीचे कूड़े के ढेर, गंदगी, बदबू और अव्यवस्था साफ़ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि पूरे गुरुग्राम में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही और सफ़ाई व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। जब राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दिन भी शहर साफ़ नहीं रखा जा सकता, तो आम नागरिक रोज़ किस तरह की नारकीय परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं, यह सोचने का विषय है।
चौधरी संतोख सिंह ने मांग की कि सफ़ाई व्यवस्था पर खर्च होने वाले धन की जांच हो। संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। जनता के टैक्स के पैसे का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की जनता को साफ़, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में जीने का अधिकार है, जिसे किसी भी कीमत पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।







