गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री के भाषण और ज़मीनी हक़ीक़त में खाई: गुरिंदरजीत सिंह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नशा, अपराध और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार विफल, विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित

गुरुग्राम, 26 जनवरी। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुरुग्राम के समाजसेवी एवं इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भाषण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार के दावे और ज़मीनी सच्चाई के बीच ज़मीन-आसमान का अंतर है।

उन्होंने कहा कि देवीलाल स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह से शहरवासियों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की जमीनी समस्याओं पर चुप्पी साधते हुए केवल पुराने और खोखले दावों को दोहराया।

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नशा और अपराध पर नियंत्रण का दावा किया, जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य में नशा, गुटखा बिक्री और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम गुटखा बिकना शासन-प्रशासन की विफलता को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बातें तो की गईं, लेकिन गुरुग्राम की बदहाल सड़कें, टूटा हुआ सरकारी अस्पताल और जर्जर सार्वजनिक सुविधाएं सरकार के दावों की पोल खोल देती हैं।
पटौदी-गुरुग्राम रोड, बादली-बसई रोड समेत कई प्रमुख सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं, जबकि सरकार 1000 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ की बातें कर रही है।

सरकारी अस्पताल के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 7–8 वर्षों से गुरुग्राम का सरकारी अस्पताल खंडहर बना हुआ है, लेकिन हर बार केवल घोषणाएं होती हैं, ज़मीन पर काम नहीं।

कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के दावों को झूठा बताते हुए गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार, हमले और अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं, सड़कें बनते ही टूट रही हैं और अवैध कॉलोनियां खुलेआम कट रही हैं, जो भ्रष्टाचार और मिलीभगत का संकेत है।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं जस की तस हैं। महिला सशक्तिकरण के दावों के उलट लड़कियों के स्कूल-कॉलेज कम हो रहे हैं और 12वीं पास छात्राओं को स्कूटी देने का वादा आज तक अधूरा है।

गुरिंदरजीत सिंह की प्रमुख मांगें
  • गुरुग्राम की सभी सड़कों को गड्ढा-मुक्त किया जाए
  • बस स्टैंड व सरकारी अस्पताल का निर्माण तुरंत शुरू हो
  • लड़कियों के स्कूलों और कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जाए
  • शहरवासियों को मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
  • सदर बाजार समेत सभी बाजारों की सफाई व्यवस्था सुधारी जाए
  • पार्कों और ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण-मुक्त किया जाए

अंत में उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में विकास चाहती है, तो उसे भाषण नहीं, ज़मीन पर काम करके दिखाना होगा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें