डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा 2 से 27 फरवरी तक विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन

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अभियान का उद्देश्य नागरिकों को उनके कानूनी अधिकार और नालसा योजनाओं से जागरूक करना

साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार, बाल विवाह रोकथाम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और अन्य कानूनी जानकारी

गुरुग्राम, 27 जनवरी- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) गुरुग्राम द्वारा फरवरी माह में जिले के विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 2 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलेगा और इसे भौतिक रूप के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी संचालित किया जाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य आम नागरिकों, छात्रों, श्रमिकों, महिलाओं और कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, नालसा योजनाओं, डिजिटल सुरक्षा, महिला-बाल संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राकेश कादियान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 2 फरवरी को श्रमिक चौक और राजीव चौक, गुरुग्राम से होगी, जहां श्रमिकों के लिए नालसा योजना, मध्यस्थता और डिजिटल जागरूकता पर जानकारी दी जाएगी। इसके बाद 3 फरवरी को स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय, 4 फरवरी को कंपनियां/कार्यालय और नशा मुक्ति केंद्र, 5 फरवरी को श्रमिक चौक, 6 फरवरी को बंजारा मार्केट और लेपर्ड ट्रेल जैसे स्थानों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसी तरह 7 फरवरी को फिर से स्कूल और विश्वविद्यालय, 9 फरवरी को सदर बाजार, एनएच-8 और द्वारका एक्सप्रेसवे, 10 फरवरी को झुग्गी-झोपड़ी और चाइल्ड केयर संस्थान, 11 फरवरी को राजीव चौक और पॉलीक्लिनिक सेक्टर-31, 12 फरवरी को दीपाश्रम और ग्रामीण क्षेत्र, 13 फरवरी को राजेंद्र पार्क और आंगनवाड़ी केंद्र जैसे स्थान शामिल हैं। 16 फरवरी से 27 फरवरी तक विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों, आंगनवाड़ी केंद्र, अर्थसेवियर्स फाउंडेशन, रेस्तरां, बाजार, कोर्ट परिसर और जिला जेल में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में नागरिकों को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार, बाल विवाह रोकथाम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, नशीली दवाओं की रोकथाम, एससी/एसटी अत्याचार निवारण, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार सहित विभिन्न कानूनी विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा नालसा हेल्पलाइन 15100, स्थायी लोक अदालत, मध्यस्थता एवं सुलह और “हमारा संविधान, हमारा सम्मान” अभियान के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाना और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना है।

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Author: Bharat Sarathi

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