स्वर्गीय राजिंदर प्रसाद का जीवन न्याय, अनुशासन और सेवा मूल्यों की मिसाल : विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

करनाल/चंडीगढ़, 24 जनवरी। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि स्वर्गीय राजिंदर प्रसाद का संपूर्ण जीवन न्याय, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत रहा। वे न केवल एक उत्कृष्ट न्यायाधीश थे, बल्कि ऐसा प्रेरणादायी व्यक्तित्व भी थे, जिनका आचरण समाज के लिए मार्गदर्शक बना।

करनाल स्थित कर्णेश्वर मंदिर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि न्यायिक सेवा के दौरान स्वर्गीय राजिंदर प्रसाद के निर्णयों में कानून के साथ-साथ नैतिकता और मानवता का संतुलित समावेश स्पष्ट रूप से दिखाई देता था। हरियाणा में वाल्मीकि समाज से प्रथम न्यायाधीश के रूप में उनका योगदान सामाजिक समरसता, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था का सशक्त प्रतीक है।

हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी स्वर्गीय राजिंदर प्रसाद ने विभिन्न सामाजिक मंचों के माध्यम से समाज सेवा को निरंतर जारी रखा, जो इस बात का प्रमाण है कि सच्ची सेवा किसी पद या दायित्व की मोहताज नहीं होती।

उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा के सचिव राजीव प्रसाद द्वारा लोक सेवा में अपनाए गए मूल्य उनके पिता से मिले संस्कारों का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वर्गीय राजिंदर प्रसाद का जीवन आज के समय में कर्तव्यनिष्ठा, मर्यादा और चरित्र के महत्व का स्मरण कराता है, जिसे भावी पीढ़ियों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें