हरियाणा के बॉक्सरों का नेशनल कैंप में दबदबा – 64 में से 31 हरियाणवी – ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज

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स्वीडन कोच की फिर वापसी, सबसे अधिक ओलिंपिक कोटा दिलाया था –

दिल्ली/भिवानी, 22 जनवरी 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा अब मुक्केबाजी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। नेशनल कोचिंग कैंप 64 में से 31 हरियाणवी बॉक्सरों का चयन हुआ है। इसमें प्रदेश की 14 बेटियों ने जगह बनाई है, वहीं 17 पुरुष मुक्केबाजों का चयन हुआ है। जिससे कैंप में लगभग 45 प्रतिशत बॉक्सर हरियाणा के हैं।

खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया ने नेशनल कैंप के लिए मुक्केबाजों की सूची जारी की है। यह कैंप पंजाब के एनआइएस पटियाला में 14 मार्च तक चलेगा। कैंप में लॉस एंजेल्स ओलिंपिक, ओलिंपिक क्वालिफाई मुकाबले और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को ध्यान में रखकर मुक्केबाजों की तैयारी करवाई जाएगी। सभी प्रतिभागियों के खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था कैंप स्थल पर ही रहेगी।

इसके साथ ही स्वीडन मूल के कोच सैंटियागो नीवा की इंडियन महिला टीम के मुख्य कोच के तौर पर फिर वापसी हो गई है। इन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की 14 कैटेगरी में से इंडिया को 9 कैटेगरी में ओलिंपिक कोटा दिलवाया था।

पॉइंट में जानिए पटियाला कैंप का महत्व.. –

एलीट प्रशिक्षण: यह कैंप शीर्ष मुक्केबाजों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण और सुविधाओं से लैस करता है, जो उन्हें बड़े टूर्नामेंट्स जैसे एशियाई चैंपियनशिप और ओलिंपिक के लिए तैयार करता है।

राष्ट्रीय चयन का आधार: राष्ट्रीय चैंपियनशिप के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को कैंप में शामिल किया जाता है, जिससे गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा और निरंतर सुधार सुनिश्चित होता है।

प्रतिभा विकास: विश्व स्तरीय कोचों और राष्ट्रीय कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन में, मुक्केबाज अपनी कमजोरियों को दूर करते हैं और अपने खेल के हर पहलू (तकनीक, रणनीति, शारीरिक फिटनेस) को बेहतर बनाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन की तैयारी: यह कैंप आने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स के लिए खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करता है, जिससे उन्हें स्पेन जैसे देशों में अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है।

सामूहिक विकास: यह एक ऐसा माहौल प्रदान करता है, जहां विभिन्न भार वर्गों और पृष्ठभूमि के मुक्केबाज एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं, जिससे खेल में गहराई और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।

विदेशी कोच की फिर वापसी –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि स्वीडन मूल के कोच सैंटियागो नीवा की इंडियन महिला टीम के मुख्य कोच के तौर पर फिर वापसी हो गई है। सैंटियागो नीवा पहले भी हाई परफॉर्मेंस मैनेजर के तौर पर इंडिया में 2016 से 2020 तक रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में टोक्यो ओलिंपिक में इंडियन दल गया था।

टोक्यो ओलिंपिक की 14 कैटेगरी में से इंडिया को 9 कैटेगरी में ओलिंपिक कोटा भी हासिल हुआ था। जबकि एक मेडल भी लवलीना के तौर पर इंडिया को मिला था। महिला वेल्टरवेट वर्ग (69 किग्रा) में उन्होंने इंडिया को कांस्य पदक दिलवाया था।

इससे पहले 2016 और उसके बाद 2024 में इंडिया की झोली खाली रह गई थी। टोक्यो ओलिंपिक में बॉक्सिंग इतिहास का सबसे बड़ा इंडियन दल गया था। उसी उम्मीद में लॉस एजेंल्स से पहले उनकी वापसी करवाई गई है।

बॉक्सरों की नर्सरी है हरियाणा –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा बॉक्सरों की पौध को तैयार करता है। जैसे खिलाड़ी का प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर है, उसे सेना व रेलवे में नौकरी का मौका मिल जाता है। खिलाड़ी फिर सेना और रेलवे की ओर से हरियाणा का नाम रोशन करते हैं। अब तो लड़कियां भी सेना में जॉइन करने लगी हैं।

कैंप में शामिल हरियाणवी महिला बॉक्सर”
मीनाक्षी हुड्डा, मंजू, नीतू घणघस, ज्योति, प्रीति, पूनम, प्रियंका, प्राची, वंदना, मुस्कान, प्रिया, प्रांजल, नीरजा, स्नेह, पूजा रानी बोहरा, नैना

नेशनल कैंप में चयनित हरियाणवी पुरुष बॉक्सर”-
अमित पंचाल, सचिन सिवाच, रोहित, अमित कुमार, हितेश, दीपक पुनिया, सुमित, सुमित कुंडू, आकाश सांगवान, अंकुश पंचाल, लोकेश, जुगनू अहलावत, नमन तंवर, नरेंद्र बेरवाल

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Author: Bharat Sarathi

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