गोली मारकर हत्या के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, आपसी कहासुनी में साथी ने की थी हत्या
मृतक पर हत्या व डकैती सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज
गुरुग्राम | 14 जनवरी 2026 – गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करते हुए खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास 34 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर अपराधी की गोली मारकर हत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वारदात किसी बाहरी हमले में नहीं, बल्कि मृतक के अपने ही साथी द्वारा आपसी कहासुनी के दौरान अंजाम दी गई थी।
पुलिस के अनुसार दिनांक 13 जनवरी 2026 को थाना खेड़की दौला, गुरुग्राम की पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पता चला कि घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस द्वारा उपचार के लिए मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम ले जाया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते हुए पुलिस की सीन-ऑफ-क्राइम टीम, एफएसएल तथा फिंगरप्रिंट टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का गहन निरीक्षण कराया गया। घटनास्थल पर एक बोलेरो गाड़ी खड़ी मिली, जिसकी तलाशी के दौरान पुलिस ने उसमें से दो लोडेड पिस्टल बरामद कीं।
पुलिस टीम आगे की कार्रवाई के लिए मेदांता अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने घायल व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मनोज ओझा (34 वर्ष), निवासी छतरपुर, दिल्ली के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी, गुरुग्राम भेजा गया।
अस्पताल में मौजूद मृतक के भाई ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि दिनांक 13 जनवरी 2026 को लगभग शाम 4:48 बजे उसके भाई मनोज के व्हाट्सएप नंबर से एक वॉयस रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि तनिष नामक व्यक्ति ने उसे गोली मार दी है। इसके बाद जब उसने अपने भाई को फोन किया, तो एम्बुलेंस चालक ने बताया कि वह गंभीर रूप से घायल है और उसे मेदांता अस्पताल ले जाया जा रहा है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। शिकायत के आधार पर थाना खेड़की दौला में हत्या की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक मनोज ओझा एक कुख्यात अपराधी व हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट व चोरी सहित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजायाफ्ता था और वर्ष 2025 में जमानत पर जेल से बाहर आया था।
मामले की गहन जांच उप-निरीक्षक मनोज कुमार, इंचार्ज अपराध शाखा मानेसर, गुरुग्राम के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान हत्या की वारदात में संलिप्त एक आरोपी को दिनांक 14 जनवरी 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोकेश (21 वर्ष), निवासी पटपड़गंज, दिल्ली के रूप में हुई है, जो 12वीं तक शिक्षित है और पेशे से टैक्सी चालक बताया गया है।
आरोपी से की गई प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लोकेश अपने एक अन्य साथी तनिष के साथ मृतक मनोज ओझा को लेकर हिसार गया था। तीनों ने वहां किसी व्यक्ति की हत्या की योजना बनाई थी और रेकी भी की, लेकिन योजना को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके। 13 जनवरी 2026 को हिसार से दिल्ली लौटते समय मानेसर के पास कार में सवार मृतक मनोज ओझा और उसके साथी तनिष के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान तनिष ने गाड़ी में रखे तीन अवैध हथियारों में से अपने पास मौजूद एक हथियार से खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास मनोज ओझा को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद आरोपी लोकेश और उसका साथी तनिष मौके से फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर वारदात में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी तथा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। मामले में अनुसंधान जारी है।









