शीत लहर में सरकार के दावे हवा-हवाई, गरीबों को रामभरोसे छोड़ दिया गया : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रेवाडी/चंडीगढ़, 7 जनवरी 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा में पड़ रही भीषण शीत लहर को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड शुरू होने के बावजूद सरकार ने बेसहारा, गरीब और बेघर नागरिकों को ठंड से बचाने के लिए दावों और बयानों के सिवाय कोई ठोस कदम नहीं उठाया

विद्रोही ने कहा कि हर वर्ष शीत लहर के दौरान सरकार और प्रशासन बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सभी योजनाएं हवा-हवाई साबित होती हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में ही ठंड ने कहर बरसाना शुरू कर दिया है और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होंगे। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे जीवन बिता रहे बेघर और बेसहारा लोगों की स्थिति की कल्पना करना भी भयावह है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल दिशा-निर्देश जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली और गरीबों को रामभरोसे छोड़ दिया
वेदप्रकाश विद्रोही ने सवाल उठाया कि वर्षों से शहरों में बने तथाकथित रैन बसेरे आखिर किस काम के हैं? अधिकांश रैन बसेरों पर ताले लटके हुए हैं और जो कहीं-कभार खुले हैं, वहां सुविधाओं का घोर अभाव है। यही कारण है कि बेघर लोग रैन बसेरों में जाने की बजाय सड़कों पर ठंड में पड़े रहते हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में कोई भी देख सकता है कि बेघर लोग रातभर सड़कों पर ठिठुरते नजर आते हैं। अप्रवासी मजदूर झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण ठंड में रहने को मजबूर हैं। यदि प्रशासन वास्तव में गंभीर होता तो गरीबों को ठंड से बचाने के प्रयास जमीन पर दिखाई देते, लेकिन ऐसा कहीं नजर नहीं आता।

विद्रोही ने याद दिलाया कि पहले सरकार और प्रशासन द्वारा शहरों व गांवों में अलाव जलाने, रेडक्रॉस के माध्यम से कंबल व गर्म कपड़े बांटने तथा संपन्न वर्ग को सहयोग के लिए प्रेरित करने की परंपरा थी, लेकिन अब ये सभी व्यवस्थाएं बीते दिनों की बात बनकर रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठंड से बचाव के लिए आने वाले फंड को कागजों में खर्च दिखाकर अधिकारी हड़प लेते हैं और गरीब ठंड से जूझता रहता है।

अंत में वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री से अपील की कि लंबी-चौड़ी डींगे मारने की बजाय ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि हरियाणा में कोई भी गरीब, बेसहारा या बेघर व्यक्ति इस भयंकर ठंड में सर्दी से ठिठुरने को मजबूर न हो।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!