योगेश मुंजाल ने अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग राष्ट्र के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने में किया : चेयरमैन सतीश त्रिपाठी।
उनके विजन पर भरोसा करने वाले हजारों कर्मियों व सार्थियों को समर्पित है यह अवॉर्ड : योगेशचंद्र मुंजाल।

गुरूग्राम,(जतिन/राजा): देश की राजधानी दिल्ली के ताज पैलेस होटल एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। अवसर था आईआईटी रुडक़ी एलुमनाई एसोसिएशन (आईआईटीआरए) ग्लोबल मीट 2026 का, जहां दुनिया भर से आए लगभग हजार से अधिक पूर्व छात्रों और प्रबुद्ध हस्तियों का समागम हुआ। इस समारोह में गुडग़ांव इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और प्रख्यात उद्योगपति मुंजाल शोवा के मैंनेजिंग डायरेक्टर योगेशचंद्र मुंजाल को उनके उत्कृष्ट करियर और समाज के प्रति सेवाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हे आईआईटी रुडक़ी के डायरेक्टर डा. केके पंत और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार त्रिपाठी के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
योगेशचंद्र मुंजाल का नाम उत्तर भारत, विशेषकर हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। गुडग़ांव इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के प्रधान के रूप में उनके कार्यकाल को आज भी उद्योगों और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु बनाने के लिए याद किया जाता है। पुरस्कार देते समय डा. पंत ने कहा कि योगेश मुंजाल जैसे पूर्व छात्र संस्थान का गौरव हैं, जिन्होंने अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग राष्ट्र के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने में किया है।
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद उत्साहित योगेशचंद्र मुंजाल ने इसे अपने जीवन का सबसे भावुक क्षण बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि आईआईटी रुडक़ी केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक विचार है जिसने मुझे जीवन की चुनौतियों से लडऩा सिखाया। आज यह सम्मान पाकर मैं अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह अवॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मियों और साथियों का है जिन्होंने मेरे विजन पर भरोसा किया। मेरा मानना है कि उद्योग जगत का असली उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना और युवाओं के लिए अवसर पैदा करना है। मैं अपनी मातृसंस्था का सदैव ऋणी रहूंगा जिसने मुझे इस काबिल बनाया।
गौरतलब होगा कि समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आए पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन त्रिपाठी ने इस मौके पर कहा कि आईआईटी के इंजीनियर आज भारतीय रेलवे और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं।









