ऊँची दुकान, सड़ा पकवान — जनता को फिर ठगा गया
11 साल की सत्ता, शून्य जवाबदेही — इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह का भाजपा पर तीखा हमला

गुरुग्राम। “विकसित गुरुग्राम महारैली” को इंजीनियर व समाजसेवी गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने राजनीतिक दिखावे, झूठे उत्सव और जनता की बुद्धि पर हमला करार देते हुए कहा कि यह रैली विकास की नहीं, बल्कि नाकामियों पर पर्दा डालने की एक सुनियोजित नौटंकी थी।
उन्होंने कहा—
“नाम ‘विकसित गुरुग्राम’, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त बदहाली, गंदगी और अव्यवस्था। 11 साल सत्ता में रहने के बाद भी अगर सरकार को रैली लगाकर बताना पड़े कि उसने क्या किया—तो समझिए कुछ किया ही नहीं।”
11 साल सत्ता, गुरुग्राम आज भी नारकीय हालात में

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 11 वर्षों में गुरुग्राम को ‘स्मार्ट सिटी’ नहीं, समस्याओं का कबाड़खाना बना दिया है।
आज भी शहर—
- कूड़े के पहाड़ों में दबा है
- सीवर सड़कों पर बह रहा है
- आवारा गोवंश जान का खतरा बना हुआ है
- सड़कें गड्ढों का जाल हैं
- अस्पतालों में इलाज नहीं, अव्यवस्था है
“यही है भाजपा का तथाकथित विकास मॉडल?”
100 दिन का वादा, 1 साल 3 महीने का झूठ

उन्होंने याद दिलाया कि विधायक द्वारा 100 दिन में शहर को साफ़ करने का वादा किया गया था।
“आज 1 साल 3 महीने बीत चुके हैं, लेकिन गुरुग्राम पहले से ज़्यादा गंदा, अव्यवस्थित और प्रदूषित है।”
घोषणाओं का कब्रिस्तान बनी महारैली
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि महारैली में जिन योजनाओं की दुहाई दी गई—
- स्कूल
- अस्पताल
- खेल हॉस्टल
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर
- बस टर्मिनल
- स्मार्ट सड़कें
- पार्क, लाइब्रेरी, सामुदायिक भवन
ये सब योजनाएँ सालों से फाइलों में दफन हैं।
“नई घोषणा कुछ नहीं, पुराने झूठों का पुनर्प्रसारण था।”
आलीशान बस स्टैंड: 5 साल से सिर्फ़ पोस्टर

बस स्टैंड के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा—
“4–5 साल से ‘आलीशान बस स्टैंड’ का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। न ज़मीन पर काम, न ईंट—बस भाषण और बैनर।”
पुराने काम, नया फीता — विकास का धोखा
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- मल्टीलेवल पार्किंग पिछली सरकार की थी, उद्घाटन दो साल से लटका था।
- कई सामुदायिक भवन पहले से बने थे, जिन्हें अब चुनावी माहौल में चमकाया गया।
“यह विकास नहीं, जनता की आंखों में धूल झोंकना है।”

बजट खपाओ, नियम उड़ाओ
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि—
- बजट सत्र से पहले पैसा खपाने की हड़बड़ी दिख रही है।
- परियोजनाओं पर सूचना बोर्ड तक नहीं।
- GRAP-3 और 4 के दौरान खुदाई कर प्रदूषण फैलाया गया।
“यह सरकार न नियम मानती है, न जनता की सेहत की परवाह करती है।”
अर्जुन नगर: भाजपा शासन की खुली चार्जशीट
उन्होंने अपने वार्ड अर्जुन नगर को भाजपा शासन की चार्जशीट बताते हुए कहा—

- कृष्ण मंदिर की बिल्डिंग 5 साल से अधूरी
- मल्टीपरपज़ हॉल बना पड़ा है, उद्घाटन गायब
- सरकारी स्कूल की इमारत तोड़ी, 3–4 साल से नई नहीं
- सीवर जाम, गंदा पानी सप्लाई
- सड़कें पूरी तरह टूटी
- राजीव गांधी पार्क बदहाली की मिसाल
“अगर सबसे पुरानी कॉलोनी का यह हाल है, तो पूरे गुरुग्राम का हाल समझा जा सकता है।”
भीड़ में भी फुस्स भाजपा
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि भाजपा दावा करती है—
- 4.5 लाख सदस्य
- 50 हज़ार पदाधिकारी
इसके बावजूद मुख्यमंत्री, मंत्री और राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में भी
भाजपा अपने ही लोग नहीं जुटा पाई।
“आम जनता तो पहले ही सरकार से मुँह मोड़ चुकी है।”
सीधी चुनौती
अंत में गुरिंदरजीत सिंह ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा—
- बनी इमारतें तुरंत जनता को सौंपी जाएँ
- अधूरे काम तय समय में पूरे हों
- जुमलों की राजनीति बंद की जाए









