हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक जिले में बनायेगी स्पोर्टस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज

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22 पीएमश्री व मॉडल संस्कृति स्कूल चयनित; कुश्ती-बॉक्सिंग-बैडमिंटन पर फोकस –

दिल्ली/भिवानी, 31 दिसंबर 2025 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। शिक्षा विभाग ने राज्य के हर जिले में ‘स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर’ खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। इस पहल के तहत जिला स्तर पर पीएमश्री (PM SHRI) और मॉडल संस्कृति स्कूलों का चयन किया गया है, जिन्हें मॉडर्न खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, प्रदेश के 5 स्कूलों में कुश्ती व 5 में बॉक्सिंग व 4 स्कूलों में बैडमिंटन के एक्सीलेंस सेंटर होंगे। वहीं क्रिकेट के लिए केवल सिरसा जिले को चुना गया है। वहीं फतेहाबाद के बैजलपुर स्कूल में हॉकी का एक्सीलेंस सेंटर होगा।

15 जिलों में बनेंगे मल्टीपर्पज हॉल –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि खिलाड़ियों को मौसम की बाधा के बिना अभ्यास करने की सुविधा देने के लिए 15 जिलों में मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण किया जाएगा। इन हॉल्स में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, रेसलिंग, बॉक्सिंग और कबड्डी जैसे खेलों की ट्रेनिंग दी जा सकेगी।

खेलों का वितरण कुछ इस प्रकार है –

कुश्ती व बॉक्सिंग: प्रदेश के 5-5 स्कूलों को कुश्ती और बॉक्सिंग के लिए एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

बैडमिंटन: 4 स्कूलों में बैडमिंटन के विशेष सेंटर बनेंगे।

क्रिकेट: प्रदेश भर में क्रिकेट के लिए केवल सिरसा जिले का चयन किया गया है।

हॉकी: फतेहाबाद के बैजलपुर स्कूल को हॉकी के एक्सीलेंस सेंटर की जिम्मेदारी दी गई है।

फुटबॉल: झज्जर के दुजाना में फुटबॉल के लिए विशेष घास वाला मैदान (Grass Ground) तैयार होगा।

तैराकी: फरीदाबाद के समयपुर और पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित स्कूलों में आधुनिक स्विमिंग पूल बनाए जाएंगे।

पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि फंड के लिए वित्त विभाग को भेजा पत्र शिक्षा विभाग ने चयनित स्कूलों की सूची और विस्तृत प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है। बजट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य के लिए फंड जारी कर दिए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूलों में इन केंद्रों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को अपने ही जिले में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

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Author: Bharat Sarathi

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