31 जनवरी तक देना होगा ब्योरा, नहीं देने पर कार्रवाई होगी
IPR नहीं भरी तो केंद्र व विदेश में नहीं मिलेगी प्रतिनियुक्ति, IAS अधिकारियों पर सख्ती
चंडीगढ़। हरियाणा समेत देशभर के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के लिए अपनी अचल संपत्ति विवरणी (IPR) समय पर दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर अधिकारियों को केंद्र सरकार की किसी भी पोस्टिंग, विदेशी प्रतिनियुक्ति और संवेदनशील पदों के लिए अयोग्य माना जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह आदेश कोई नया नहीं बल्कि वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जो कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 4 अप्रैल 2011 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। निर्देशों के अनुसार, IPR समय पर जमा न करने पर सतर्कता मंजूरी (Vigilance Clearance) स्वतः रद्द मानी जाएगी।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि, “जो IAS अधिकारी निर्धारित समयसीमा में संपत्ति का विवरण नहीं देंगे, उन्हें केंद्र सरकार के किसी भी पद, यहां तक कि विदेश पोस्टिंग के लिए भी अयोग्य माना जाएगा।”
31 जनवरी 2026 अंतिम तिथि
हरियाणा सरकार ने राज्य कैडर के सभी IAS अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे वर्ष 2025 की IPR को SPARROW पोर्टल पर 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच ऑनलाइन भरें। इसके बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा। हार्ड कॉपी भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।
देश में 5,004 IAS अधिकारी
DoPT के अनुसार, वर्तमान में देशभर में 5,004 IAS अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। यह आदेश पूरे देश के लिए लागू है, इसलिए हरियाणा कैडर के अधिकारियों पर भी समान रूप से प्रभावी होगा।
अप्रैल में सामने आई थी शीर्ष IAS अधिकारियों की संपत्ति
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में हरियाणा के शीर्ष IAS अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक हुआ था, जिसमें कई अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक पाए गए।
रिपोर्ट के अनुसार—
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के पास उत्तर प्रदेश में आम का बाग, पंचकूला व गुरुग्राम में फ्लैट हैं।
- गृह सचिव सुमिता मिश्रा के पास दिल्ली में करीब 3.5 करोड़ रुपये का बिल्डर फ्लोर है।
- मुख्यमंत्री नायब सैनी के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता की हिसार में ढाई करोड़ रुपये की जमीन है।
- चर्चित IAS अशोक खेमका के पास गुरुग्राम में 3 करोड़ रुपये का फ्लैट है।
IPS अधिकारियों की संपत्ति भी आई सामने
पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर के पास हरियाणा के अलावा पंजाब के मोहाली, कपूरथला और बठिंडा में जमीन है, जबकि उनकी पत्नी के नाम गुरुग्राम में 4 करोड़ रुपये का मकान दर्ज है।
वहीं, CID प्रमुख सौरभ सिंह के पास उत्तर प्रदेश में 5 एकड़ भूमि है।
169 IAS और 106 IPS अधिकारी हरियाणा कैडर में
बताया गया कि हरियाणा कैडर में वर्तमान में 169 IAS और 106 IPS अधिकारी कार्यरत हैं। इन सभी अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का विवरण केंद्र सरकार के DoPT को सौंपा है।
पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद
सरकार का कहना है कि IPR अनिवार्यता का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करना है। तय समय में विवरण न देने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।








