कविता, भजन और गीतों के साथ सजी वरिष्ठों की संध्या

गुरुग्राम। वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब का चौथे शनिवार का नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रम 27 दिसंबर 2025 को कम्युनिटी सेंटर सेक्टर-4 में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंच संचालक श्री डी.एन. क्वात्रा द्वारा गायत्री मंत्र के सस्वर पाठ से की गई।
क्लब के अध्यक्ष श्री धर्म सागर ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने का संदेश दिया। उन्होंने अपने काव्य-पाठ के माध्यम से जीवन के अनुभवों और वरिष्ठता के महत्व को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया—
“तीन पहर तो बीत गए, बस एक पहर ही बाकी है,
जीवन हाथों से फिसल गया, बस खाली मुट्ठी बाकी है…”
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ बनने के लिए बहुत जीना पड़ता है और तजुर्बा ही जीवन का सही ज्ञान देता है।

कार्यक्रम में जगदीश अरोड़ा ने “उत्तर सागर में जो उसको मोती मिले” कविता प्रस्तुत की।
चंद्र प्रकाश चौधरी ने “राम जी बड़े दयालु हो प्रभु जी” भजन सुनाया।
श्री शीतल चावला ने “हे जगदीश ईश्वर अपने इस जग का कल्याण करो” भजन से वातावरण भक्तिमय बना दिया।
श्री एम.के. कुमार ने जीवन को जिंदादिली से जीने का संदेश गीत के माध्यम से दिया।
गायिका पूनम जी ने भावुक प्रस्तुति देते हुए “मुझे बेटा कह कर बुलाना पड़ेगा, मुझे बेटी कह कर बुलाना पड़ेगा…” भजन गाया, जिसे खूब सराहा गया।
मंच संचालक श्री डी.एन. क्वात्रा ने अपनी ग़ज़ल—
“प्यास बुझ जाए तो शबनम खरीद सकता हूं,
जख्म हो तो मरहम खरीद सकता हूं…”
से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभ में पंजीकरण कराने वाले 20 सदस्यों में से ड्रॉ द्वारा दो भाग्यशाली विजेताओं का चयन किया गया। पहला पुरस्कार श्रीमती उषा जी तथा दूसरा पुरस्कार के.बी. शर्मा जी को प्रदान किया गया।
इसके पश्चात दिसंबर माह में जन्मदिन मना रहे सदस्यों का पुष्पमालाएं पहनाकर सामूहिक रूप से जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम का समापन जलपान के साथ हुआ, जिसमें सभी सदस्यों ने गरम-गरम चाय और समोसों का आनंद लिया।
इस अवसर पर श्री रमेश वशिष्ठ, सुधीर सेवक, केसर दास ग्रोवर, आर.सी. धवन, शशि अरोड़ा, दीपचंद जी, श्रीमती कमलेश तथा मदनलाल डूडेजा सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।








