Squash World स्क्वाश विश्व कप जीतने वाला पहला एशियाई देश बना भारत – हॉन्गकॉन्ग को 3-0 से हराकर इतिहास रच दिया –
दिल्ली, 15 दिसंबर 2025 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्क्वॉश वर्ल्ड कप जीत पर भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि स्क्वॉश वर्ल्ड कप 2025 में पहली बार खिताब जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रचा है। उन्होंने जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलावन सेंथिल कुमार और अनाहत सिंह की मेहनत, समर्पण और दृढ़ निश्चय की सराहना की और कहा कि यह जीत देश के युवाओं में स्क्वैश की लोकप्रियता बढ़ाएगी।
भारतीय स्क्वाश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। जोशना चिनप्पा और अनाहत सिंह जैसी स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम ने हांगकांग को हराकर पहली बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
यह मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में ब्रॉन्ज मेडल रहा था।
इस टूर्नामेंट में 12 टीमों ने शॉर्ट और फास्ट फॉर्मेट में हिस्सा लिया। भारत ने सेमीफाइनल में मजबूत मानी जाने वाली मिस्र की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा शुरू से अंत तक बना रहा।
जोशना चिनप्पा में जीत के साथ शुरुआत की –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारतीय टीम की अगुआई दिग्गज खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने की। फाइनल के पहले मुकाबले में जोशना ने हांगकांग की यी ली (वर्ल्ड नंबर-37) को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद अभय सिंह ने एलेक्स लाउ को 3-0 से मात दी। निर्णायक मुकाबले में 17 साल की अनाहत सिंह ने टोमेटो हो को 3-0 से हराकर भारत की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी।
भारतीय टीम में जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलावन सेंथिलकुमार और अनाहत सिंह शामिल थे। मुकाबला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल में मौजूद रहे।
2028 ओलिंपिक से पहले बड़ी उपलब्धि –
स्क्वॉश को 2028 लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया जा रहा है। ऐसे में यह जीत युवा खिलाड़ियों अनाहत सिंह और अभय सिंह के साथ-साथ भारतीय स्क्वैश के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारतीय टीम ने स्क्वाश विश्व कप का खिताब पहली बार जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत ने फाइनल में हांगकांग को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराया और चैंपियन बनने में सफल रहा। इसके साथ ही भारत स्क्वाश विश्व कप जीतने वाले एशिया का पहला देश बन गया है। भारत ने इस वैश्विक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और विजेता बनने में सफल रहा।
भारतीय स्क्वाश के लिए ऐतिहासिक दिन –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारत का इससे पहले विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में कांस्य पदक जीतना था। भारत ने हालांकि, इस बार हर बाधा को पार किया और अपना दबदबा बनाया। यह खिताबी जीत भारतीय स्क्वाश के लिए निश्चित रूप से अच्छी खबर है क्योंकि यह खेल लॉस एंजिल्स 2028 में ओलंपिक में अपना पदार्पण करने जा रहा है। मिश्रित टीम स्पर्धा में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा।
बिना कोई मैच गंवाए भारत ने जीता खिताब –
टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त भारत ने बिना कोई मैच हारे खिताब अपने नाम किया। ग्रुप चरण में स्विट्जरलैंड और ब्राजील को समान 4-0 के अंतर से हराने के बाद भारत ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में क्रमशः दक्षिण अफ्रीका और दो बार के चैंपियन मिस्र को 3-0 से हराया। विश्व रैंकिंग में 79वें स्थान पर काबिज जोशना चिनप्पा ने 37वीं रैंकिंग की खिलाड़ी ली का यी पर 3-1 की उलटफेर भरी जीत से फाइनल में भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।








