प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दी स्वीकृति; 2022 के बाद के चालान वर्चुअल अदालत में निपटाए जाएंगे

गुरुग्राम, 12 दिसंबर। हरियाणा ऑटो चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण राकेश कादयान से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की अंतिम लोक अदालत के दौरान ऑटो चालकों की सुविधा के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग की, ताकि चालान संबंधी कार्यवाही के लिए आने वाले चालकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
संघ की ओर से यह मुद्दा भी उठाया गया कि लोक अदालत में केवल वर्ष 2022 तक के चालान ही निपटान हेतु आ रहे हैं, जबकि 2022 के बाद के चालानों के भुगतान की सुविधा वर्चुअल अदालत के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि संगठन के आग्रह पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने चालानों के भुगतान हेतु दो हेल्प डेस्क स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे ऑटो चालकों सहित आम जन को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 के बाद के चालानों का निपटारा वर्चुअल अदालत के माध्यम से ही किया जाएगा।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण राकेश कादयान ने कहा कि लोक अदालत आम जनता को समय एवं खर्च की बचत का अवसर प्रदान करती है और बड़ी संख्या में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में कारगर सिद्ध होती है। इस बार की लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों के निपटान के लिए विशेष रूप से नौ बेंचें स्थापित की गई हैं।









