मुआवजे की घोषणा मामूली, किसानों के साथ क्रूर मज़ाक: किसान सभा

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29 दिसंबर को बरवाला किसान पंचायत में सरकार की कथनी-करनी की पोल खोलेगी किसान सभा

बरवाला, 11 दिसंबर। अखिल भारतीय किसान सभा ने खरीफ फसलों के खराबे पर सरकार द्वारा घोषित मुआवजे को मामूली, नगण्य और किसानों के साथ किया गया क्रूर मज़ाक बताया है। संगठन ने कहा कि कुल 5 लाख 29 हजार किसानों ने पोर्टल पर नुकसान दर्ज कराया था, लेकिन सरकार ने इनमें से केवल 50 हजार किसानों के लिए ही मुआवजे की घोषणा की है, जो किसानों के साथ अन्याय और छलावा है।

किसान सभा जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, बरवाला–उकलाना तहसील प्रधान कर्मवीर जलंधरा, सहित अन्य पदाधिकारियों—मा. फूल सिंह, प्रदीप बूरा, सत्यवान रेढू, रोहतास राजली और दयानंद ढुकिया—ने संयुक्त बयान में कहा कि खरीफ सीजन में भारी बारिश और जलभराव ने प्रदेश के सैकड़ों गांवों को प्रभावित किया। धान, बाजरा, कपास, गन्ना, ग्वार सहित कई फसलों को भारी नुकसान हुआ, जिससे लगभग 31 लाख एकड़ फसलें प्रभावित हुईं।

इसके बावजूद सरकार द्वारा घोषित मुआवजा सिर्फ 1 लाख 20 हजार एकड़ के नुकसान के लिए ही जारी किया गया है। किसान सभा ने इसे “ऊंट के मुंह में जीरा” बताते हुए कहा कि सरकार ने 4.75 लाख किसानों को मुआवजा देने से प्रभावी रूप से इनकार कर दिया है।
संगठन का आरोप है कि मुआवजा न देना पड़े, इसलिए किसानों के दावों पर मनमानी आपत्तियां लगाकर मुआवजे काटे गए हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसान लाभ से वंचित हो जाएंगे।

किसान सभा ने कहा कि सरकार ने कई जिलों, विशेषकर हिसार, में बेहद कम नुकसान दिखाया है, जबकि आज भी हजारों एकड़ में पानी भरा है। पदाधिकारियों ने बताया कि गांवों के हालिया दौरे में उन्होंने स्वयं देखा कि कई क्षेत्रों में फसलों का नुकसान इतना ज्यादा है कि खेतों में गेहूं की बिजाई तक मुश्किल हो रही है।

किसान सभा की मांग

किसान सभा हरियाणा ने मांग की कि सरकार:

  • नुकसान के मौजूदा गलत आंकलन को रद्द करे,
  • और वास्तविक नुकसान के आधार पर पूरा मुआवजा जारी करे।
29 दिसंबर को होगी बड़ी किसान पंचायत

किसान सभा ने घोषणा की कि 29 दिसंबर को बरवाला में एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरकार की वादाखिलाफी, जुमलेबाज़ी, और कथनी-करनी के फर्क को उजागर किया जाएगा। साथ ही आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तय की जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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