बिना फायर NOC चल रहे ठेके, बार, शोरूम, स्कूल और हॉस्पिटल खतरे की घंटी
अवैध फैक्ट्रियों और ऊँची इमारतों से रिहायशी इलाकों में जान का जोखिम
900 मीटर प्रतिबंधित दायरे में चल रहे शराब ठेके और मैरिज पैलेस की भी जांच की मांग
सरकार और प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे—“आम जनता की जान से बढ़कर कुछ नहीं”
गुरुग्राम। गोवा के एक प्रसिद्ध नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की दर्दनाक मौत पर शोक व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने गुरुग्राम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में भी ऐसे सैकड़ों स्थान हैं जो बिना फायर NOC के चल रहे हैं, और “अगर गोवा जैसा हादसा गुरुग्राम में हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?”
“गुरुग्राम में कई ठेके, बार, स्कूल, हॉस्पिटल, क्लिनिक बिना फायर NOC चल रहे… क्यों?”
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में
- शराब के ठेके
- बार व क्लब
- शोरूम
- स्कूल
- हॉस्पिटल व नर्सिंग होम
- होटल व रेस्टोरेंट
- मैरिज पैलेस
- पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियाँ और गोदाम
बिना फायर सुरक्षा प्रमाण पत्र (NOC) के लंबे समय से संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से पूछा— “फायर NOC देना प्रशासन का काम है, फिर बिना NOC के इतने प्रतिष्ठान कैसे चल रहे हैं? क्या कोई हादसा होने का इंतजार है?”
उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रतिष्ठानों ने वर्षों पहले फायर NOC तो ले रखी थी, लेकिन रिन्यू नहीं कराया, जिसकी जांच अब तक नहीं हुई।
स्कूल और हॉस्पिटल सबसे बड़े खतरे पर—एक ही गेट, निकलने का रास्ता तक नहीं
उन्होंने चेतावनी दी कि स्कूलों और अस्पतालों में तो जोखिम और भी बड़ा है।
“अनेक हॉस्पिटल/नर्सिंग होम में एक ही प्रवेश-द्वार है। आग लगने पर मरीजों, बच्चों और स्टाफ की जान कैसे बचेगी? प्रशासन ने कभी इसका ऑडिट किया है?”
रिहायशी इलाकों में अवैध फैक्टरी—’लोगों की जान से खिलवाड़’
उन्होंने कहा कि रिहायशी कॉलोनियों में चल रही
- अवैध फैक्ट्रियाँ
- इंडस्ट्री
- वेयरहाउस
- गोडाउन
लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं। “ऐसी यूनिटों से किसी भी वक्त गैस रिसाव, शॉर्ट सर्किट या आग का बड़ा हादसा हो सकता है… पर प्रशासन मौन क्यों है?”
“बिना अनुमति कट रही कॉलोनियों में ऊँची इमारतें और मैरिज पैलेस… प्रशासन आँखें मूँदे बैठा है”
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कॉलोनियों में तंग गलियों के बीच बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, वेयरहाउस और मैरिज पैलेस बन रहे हैं।
“इन इलाकों में दमकल की गाड़ी तक नहीं जा सकती। अगर हादसा हुआ तो भारी जनहानि होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
900 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब ठेके और मैरिज पैलेस
गुरिंदरजीत सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि जहां 900 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में निर्माण पूर्णतः वर्जित है, वहां शराब के ठेके और मैरिज पैलेस कैसे चल रहे हैं?
उन्होंने मांग की कि इनके पास फायर NOC है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, DC, MCG, GMDA और फायर विभाग को भेजी मांग
उन्होंने गुरुग्राम कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह, मंत्री नरबीर सिंह, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, मेयर राज रानी मल्होत्रा, उपायुक्त, एमसीजी कमिश्नर, जीएमडीए अधिकारियों और फायर विभाग को पत्र भेजकर मांग की—
मुख्य मांगें:
- बिना फायर NOC चल रहे सभी स्कूल, हॉस्पिटल, होटल, जिम, रेस्टोरेंट, दुकानों, शोरूम, मॉल, क्लब, बार, ठेके, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
- अवैध कंस्ट्रक्शन व अवैध कॉलोनियों में बन रही ऊँची इमारतों को तुरंत रोका जाए।
- रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध फैक्ट्रियों और इंडस्ट्री को तत्काल बंद कराया जाए।
- फायर NOC का पूरा ऑडिट हो और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
“आम जनता की जान से बढ़कर कुछ नहीं”
अंत में गुरिंदरजीत सिंह ने कहा— “इंसान की जान अनमोल है। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी होगी। गुरुग्राम में किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों? आज ही कदम उठाने होंगे।”









