मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में  हुई कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णय ……..

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हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के तहत टूरिस्ट परमिट के अनुसार चलने वाली टूरिस्ट गाड़ियों को चलाने की अवधि के प्रस्ताव को मंजूरी 

चंडीगढ़, 8 दिसंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के तहत टूरिस्ट परमिट के अनुसार चलने वाली टूरिस्ट गाड़ियों को चलाने की अवधि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा मोटर व्हीकल्स (संशोधित) नियम, 2025 माना जाएगा।

संशोधित नियम अनुसार, एनसीआर में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट  पर पेट्रोल या सीएनजी पर चलने वाली गाड़ियों को 12 साल तक चलाने की इजाजत होगी, जबकि इसी परमिट कैटेगरी की डीजल गाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक चलाने की इजाजत होगी। नॉन-एनसीआर एरिया के लिए, पेट्रोल या सीएनजी और डीजल पर चलने वाली ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट गाड़ियों की भी ज्यादा से ज्यादा 12 साल तक चलाया जा सकेगा।

एनसीआर इलाके में स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों समेत शेष सभी गाड़ियों के परमिट के लिए, पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या दूसरे इंधन पर चलने वाली गाड़ियों की ज्यादा से ज्यादा अवधि 15 साल तय की गई है। हालांकि, केवल एनसीआर इलाके में इस टाइप के परमिट के तहत चलने वाली डीजल गाड़ियों के लिए ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक चलाया जा सकेगा।

गैर-एनसीआर इलाकों के लिए, पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या दूसरे स्वच्छ इंधन और डीजल पर चलने वाली स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों समेत बाकी सभी परमिट की गाड़ियों को चलाने की ज्यादा से ज्यादा 15 साल तक की अवधि होगी।

कैबिनेट ने शहरी शासन को सुव्यवस्थित करने के लिए हरियाणा नगर पालिका अधिनियम–2025 को दी मंजूरी

शहरी स्थानीय निकायों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एकीकृत नगरपालिका ढांचा

चंडीगढ़, 8 दिसंबर – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में शहरी शासन व्यवस्था में बड़े सुधार को मंजूरी देते हुए हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 2025 को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह नया अधिनियम वर्तमान में लागू हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 एवं हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 को प्रतिस्थापित करेगा।

नए एकीकृत अधिनियम का उद्देश्य सभी श्रेणियों की नगर निकायों —नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं—को एक ही कानूनी ढांचे के अंतर्गत लाना है। वर्तमान में राज्य की 87 नगरपालिकाएं दो अलग-अलग अधिनियमों के तहत संचालित हो रही हैं, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं, सेवा प्रदायगी में असमानता और नियमों की व्याख्या में कठिनाई उत्पन्न होती है। विभाग ने पिछले दो वर्षों में व्यापक परामर्श प्रक्रिया के बाद इस मसौदा अधिनियम को तैयार किया है, जिसमें भारत सरकार द्वारा जारी मॉडल नगरपालिका कानून के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।

हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 2025 का उद्देश्य शासन प्रणाली को सुव्यवस्थित करना, अस्पष्टताओं को दूर करना, नगरपालिका प्रशासन का आधुनिकीकरण करना और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता को सुदृढ़ करना है। इसके प्रमुख प्रावधानों में नगरपालिका को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा के भीतर कर और शुल्क निर्धारित करने का अधिकार, क्रेडिट रेटिंग का प्रावधान जिससे पूंजी बाजार से धन उधार लेने की सुविधा हो सके, तथा शहरी अवसंरचना विकास कंपनी की स्थापना शामिल है।

अधिनियम में शहरी परिवहन योजना, शहरी वानिकी तथा ग़ैर-कानूनी कॉलोनियों के निषेध से संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए हैं, जो हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्रों के विनियमन अधिनियम, 1975 से मिलते-जुलते हैं। नगरपालिका कर्मचारियों के लिए सामान्य सेवा नियम प्रस्तावित किए गए हैं जिससे दो अलग-अलग कानूनी ढांचों के कारण स्थानांतरण और पदोन्नति से उत्पन्न होने वाले विवाद कम होंगे। इसके अतिरिक्त, नगर अपराधों के परीक्षण के लिए नगर दंडाधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है तथा विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने/दंड की राशि में वृद्धि की गई है।

यह पहल पूरे हरियाणा में एक आधुनिक, समान एवं दक्ष नगरपालिका शासन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वर्तमान और भविष्य की शहरीकरण आवश्यकताओं के अनुरूप है।

एचसीएस मुख्य परीक्षा में अब होंगे 6 पेपर

मंत्रिमंडल ने एचसीएस (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) नियमों में संशोधन को दी मंजूरी

चंडीगढ़, 8 दिसंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) नियम, 2008 में संशोधन को मंज़ूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) संशोधन नियम, 2025 कहा जाएगा।

संशोधन के अनुसार, एचसीएस मुख्य परीक्षा में पेपरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जो कुल 600 अंकों के होंगे।

संशोधित संरचना के अनुसार, अंग्रेजी का पेपर और हिंदी का पेपर प्रत्येक 100 अंकों का होगा। इसके अलावा, अब 4 जनरल स्टडीज़ के पेपर होंगे और प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होगा। हालांकि, प्रारंभिक परीक्षा में कोई बदलाव नहीं होगा, जो केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी और 200 अंकों की होगी। पर्सनैलिटी टेस्ट भी पहले जैसा ही रहेगा और 75 अंकों का होगा।

स्वच्छ मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 2026 से हरियाणा ने एग्रीगेटर नीति में संशोधन किया

चंडीगढ़, 8 दिसंबर – हरियाणा परिवहन विभाग ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्ष 2016 में बनाए गए उन नियमों में संशोधन किया है, जिनके तहत सार्वजनिक सेवा वाहनों के माध्यम से यात्रियों को आकर्षित करने के लिए ऑपरेटरों या आईटी-आधारित पैसेंजर एग्रीगेटर्स को एजेंट या प्रमोटर के रूप में लाइसेंस जारी किए जाते हैं। यह निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।

नए नियमों के तहत 1 जनवरी 2026 से मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी मौजूदा फ्लीट में केवल डीजल या पेट्रोल से चलने वाले किसी भी वाहन को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 की धारा 12 के अंतर्गत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 3 जून 2025 को दिशा-निर्देश संख्या 94 जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं, ई-कॉमर्स कंपनियों एवं समान संस्थाओं द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं में स्वच्छ मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देना है।

इन दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक तीन पहिया ऑटो-रिक्शा को ही मौजूदा वाहन फ्लीट में शामिल करने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त, 1 जनवरी 2026 से चार पहिया लाइट कमर्सियल व्हीकल (LCVs) , चार पहिया लाइट गुड्स व्हीकल  (LGVs) (N1 श्रेणी – 3.5 टन तक) और दो पहिया वाहनों की मौजूदा फ्लीट में डीजल या पेट्रोल से चलने वाले आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परिवहन विभाग द्वारा एक क्लीन मोबिलिटी पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें सभी लाइसेंस धारकों के वाहनों का विवरण दर्ज किया जाएगा। नए नियमों के तहत लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के लिए सभी शुल्क और शर्तें भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगी।

यह पहल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को भी सुनिश्चित करेगी।

हरियाणा कैबिनेट ने जिला शिक्षकों के लिए आधुनिक कैडर परिवर्तन नीति को मंजूरी दी

राज्य के शिक्षकों के लिए पारदर्शीतकनीक-आधारित कैडर परिवर्तन प्रणाली शुरू

चंडीगढ़, 8 दिसंबर –मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में जिला कैडर शिक्षकों के लिए कैडर परिवर्तन नीति, 2025 को मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य शिक्षक संतुष्टि में सुधार करना, पारदर्शी अंतर-जिला आवागमन सुनिश्चित करना और पूरे राज्य के स्कूलों में शैक्षणिक स्थिरता को मजबूत करना है।

यह नीति मौजूदा 2018 की रूपरेखा को प्रतिस्थापित करेगी और नियमित रूप से कार्यरत प्राथमिक शिक्षक (पीआरटी/जेबीटी), हेड टीचर (एचटी) और क्लासिकल एवं वर्नाक्युलर (सीएंडवी) शिक्षकों के लिए स्वैच्छिक कैडर परिवर्तन हेतु वस्तुनिष्ठ, मेरिट-आधारित और तकनीक-सक्षम प्रणाली प्रदान करती है।ये प्रक्रिया चरणबद्ध तरिके से चलेगी  और शिक्षकों को 1 अप्रैल से पहले नए स्टेशन अलॉट हो जायेंगे। 1 अप्रैल से शिक्षक अपने नए स्टेशन पर ज्वाइन करेंगे ताकि नए शैक्षणिक स्तर से पढ़ाई शुरू हो सके।

यह नीति कठिन तैनाती स्थानों, भौगोलिक सीमाओं और शिक्षक तैनाती में समानता से संबंधित लंबे समय से लंबित मांगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए विद्यालयों में आवश्यकतानुसार स्टाफ उपलब्ध कराना भी है।

नई नीति में मेरिट अंक निर्धारित करने की एक संरचित प्रणाली है, जिसमें आयु को मुख्य कारक बनाया गया है जिसे अधिकतम 60 अंक दिए जाएंगे। महिला शिक्षकों और विशेष श्रेणियों—जैसे दिव्यांग कर्मचारी, गंभीर बीमारी से पीड़ित, विधवा, तलाकशुदा, 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाएँ, सैन्य/अर्द्धसैनिक बलों के कर्मचारियों के जीवनसाथी और दिव्यांग बच्चों के माता-पिता—को अधिकतम 20 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। जिन शिक्षकों पर कोई पेनेल्टी लगी हैं, उनके 10 अंक नेगिटिव होंगे।

विशेष श्रेणी के शिक्षकों को 80 मेरिट अंक दिए जाएंगे, जिससे उन्हें कैडर परिवर्तन प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी। यह श्रेणी उन शिक्षकों के लिए है जो पात्रता तिथि से 12 महीनों के भीतर सेवानिवृत्ति पर हो, कैंसर, डायलिसिस, हाल की बाईपास सर्जरी या अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे हो, या आरपीडब्लयूडी एक्ट, 2016 के अनुसार 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हों। इसके अलावा, ऐसी विधवा शिक्षिकाएँ जिनके सबसे छोटे बच्चे की आयु 10 वर्ष तक है, भी इसमें शामिल हैं।

शिक्षक-अभाव वाले जिलों को प्रभावित होने से रोकने के लिए नीति में यह प्रावधान है कि ऐसे जिलों से कैडर परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी जहाँ मौजूदा स्टाफ आवश्यकता के 95% से कम हो। नूँह जिले में मेवात कैडर के लिए नियुक्त शिक्षक जिले से बाहर कैडर परिवर्तन के पात्र नहीं होंगे।

एक शिकायत निवारण व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है, जिसके अनुसार शिक्षक कैडर परिवर्तन आदेश जारी होने के 5 दिनों के भीतर अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं। इन शिकायतों का निपटान सक्षम प्राधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा 3 दिनों में किया जाएगा।

नीति के अधिसूचित होते ही यह 2018 की जिला कैडर परिवर्तन नीति और उससे जुड़े सभी संशोधन एवं निर्देशों का स्थान ले लेगी। 2018 नीति के लंबित मामलों का निपटान उसी नीति के अनुसार किया जाएगा।

हरियाणा सरकार ने गैर-कानूनी माइनिंग को रोकने के लिए खनन  विभाग को मजबूत किया

रैशनलाइजेशन कमीशन की सिफारिश परहरियाणा केबिनेट ने खनन विभाग में  स्वीकृत पदों की संख्या632 से बढ़ाकर की 890

चंडीगढ़, 8 दिसंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में खनन एवं भू विज्ञान विभाग के लिए रैशनलाइजेशन कमीशन की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की है।

सरकार ने खनन एवं भू-विज्ञान विभाग हरियाणा सहित अलग-अलग सरकारी विभागों में पदों के रीस्ट्रक्चर की सिफारिश करने के लिए रैशनलाइजेशन कमीशन, हरियाणा का गठन किया था। इस कमीशन का उद्वेश्य इन सरकारी संस्थाओं को ज्यादा कुशल, पारदर्शी और जनता की जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी बनाना है।

रैशनलाइजेशन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मेंबताया कि विभाग की कार्यप्रणाली कोसुचारू रुप सेचलाने के लिए अलग-अलग कैटेगरी की मौजूदा 632 पदों की बजाय 848 पदों की जरूरत होगी।इसके बाद, अन्य जरूरतों को देखते हुए42 और पदों की भी स्वीकृति दी , इस प्रकार अलग-अलग कैटेगरी के कुल 890 पदों को स्वीकृति दी गई है।

राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे एचएमजीआईएस, एचईपीसी डिपार्टमेंटल सर्विसेज और दूसरे सिटीजन सर्विसेजपोर्टल्स का माइग्रेशन और मैनेजमेंट के लिए डिपार्टमेंट के पास राज्य के खनिज की खोज और बेहतर उपयोग और इको-फ्रेंडली मैनेजमेंट के लिए बहुत कुशल वर्कफोर्स होगी और इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

एग्रो मॉल, रोहतक के अलॉटीज़ को राहत के लिए अपील से जुड़े प्रस्ताव को मंज़ूरी

चंडीगढ़, 8 दिसंबर- हरियाणा कैबिनेट की आज यहां मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में एग्रो मॉल, रोहतक के अलॉटीज़ को राहत के लिए अपील से जुड़े प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई। कैबिनेट ने एग्रो मॉल, रोहतक के अलॉटीज़ केमामलों  को एग्रो मॉलपंचकूला  की तर्ज पर हल करने का फैसला किया है।

एग्रो-मॉल, रोहतक को HSAMB ने सेक्टर-14 रोहतक में लगभग 38 कनाल और 15 मरला के प्लॉट पर विकसित किया था। इसमें 282 दुकानें हैं। जिनमें से 78 अलॉट हो चुकी हैं।

जो अलॉटीज़ अलॉट की गई साइट को अपने पास नहीं रखना चाहते, उन्हें जमा की गई रकम, जमा करने की तारीख से पेमेंट तक 7 परसेंट सालाना ब्याज के साथ वापस की जाएगी। जो अलॉटी दुकानें रखना चाहते हैं, उन्हें बोर्ड की पिछली स्कीम यानी विवादों का समाधान-II के तहत बकाया रकम जमा करने की अनुमति होगी।अन्यथा दुकान नियमों के हिसाब से पुन:रिज्यूम कर ली जाएगी।

राज्य लेखा निदेशालय हरियाणा के लिए सेवा नियमों को कैबिनेट की मंजूरी

चंडीगढ़, 8 दिसंबर — हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें नवगठित राज्य लेखा निदेशालय हरियाणा के ग्रुप ‘ए ’, ‘बी ’ और ‘सी ’ पदों के लिए मसौदा सेवा नियमों को मंजूरी प्रदान की गई।

राज्य लेखा निदेशालय हरियाणा में विभिन्न स्तरों पर कुल 535 पद स्वीकृत हैं, जिनमें ग्रुप‘ए ’ के 4 पद, ग्रुप ‘बी ’ के 107 पद, ग्रुप‘सी ’ के 395 पद और ग्रुप ‘डी ’ के 29 पद शामिल हैं। इन सेवा नियमों को बनाना आवश्यक था ताकि ग्रुप ‘ए ’ और ‘बी ’ के पदों पर नियुक्ति हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से तथा ग्रुप ‘सी ’ के पदों पर नियुक्ति हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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