भाजपा सरकार की घोर लापरवाही एवं शिक्षा-विरोधी नीतियों का खुला सबूत : राव नरेंद्र सिंह
चंडीगढ़, 04 दिसंबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के ऑनलाइन एवं ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्सों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने के निर्णय को भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों और प्रशासनिक नाकामी का ताज़ा प्रमाण करार दिया है।
राव ने कहा कि विश्वविद्यालय की NAAC मान्यता 27 मार्च 2024 को ही समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद एमडीयू प्रशासन ने छात्रों से 2025–26 सत्र के लिए प्रवेश शुल्क वसूलने हेतु झूठी और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। इस कुप्रबंधन के कारण 6,500 से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य गहरी अनिश्चितता में धकेल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद(NAAC) की मान्यता समाप्त हो चुकी है लेकिन आज तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दर्शाई जा रही है, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद(NAAC) ने 17 नवंबर 2025 को एमडीयू प्रशासन को कड़ी चेतावनी जारी की, परंतु कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 18 नवंबर 2025 को सभी ऑनलाइन एवं ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्स तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह “सिर्फ एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि भाजपा सरकार तथा उसके शिक्षा विभाग की पूर्ण असफलता” है। सरकार न तो विश्वविद्यालय की मान्यता प्रक्रिया पर नजर रख सकी और न ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कर सकी। इसका सबसे बड़ा नुकसान मेहनतकश, मध्यम वर्ग और ग्रामीण पृष्ठभूमि के उन छात्रों को हुआ है, जो नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते थे।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि तत्काल प्रभावित सभी छात्रों की पूरी फीस तुरंत वापस की जाए। इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कुलपति एवं दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाए। छात्रों का शैक्षणिक सत्र बचाने के लिए राज्य सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से विशेष अनुमति लेकर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
राव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और सड़क से सदन तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।









