विदेशी कंपनियों को बढ़ावा देकर ‘स्वदेशी’ का संदेश कैसे दे सकती है बीजेपी? गुरिंदरजीत सिंह के आरोपों से गरमाया राजनीतिक माहौल
गुरुग्राम । समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह अर्जुन नगर ने बीजेपी द्वारा चलाए जा रहे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल, स्वदेशी अपनाओ जैसे अभियानों को “ढोंग, नौटंकी और जनता को गुमराह करने का जरिया” बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियों और फैसलों में ऐसा विरोधाभास है, जो यह साबित करता है कि पार्टी अपनी ही बातों पर अमल नहीं करती।
विदेशी कंपनी का शोरूम खोलकर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश कैसे? — गुरिंदरजीत
गुरिंदरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा— “एक तरफ मुख्यमंत्री ‘वोकल फॉर लोकल’, स्वदेशी अपनाओ और आत्मनिर्भर भारत की बातें करते हैं, और दूसरी तरफ गुरुग्राम में विदेशी कंपनी टेस्ला के शोरूम का उद्घाटन करते हैं। क्या यही आत्मनिर्भर भारत है?”
उन्होंने कहा कि जब बाज़ार में देशी कंपनियों की ई-कारें—टाटा टियागो EV, पंच EV, नेक्सन EV और हैरियर EV—पहले से उपलब्ध हैं, तो फिर विदेशी कंपनियों को बढ़ावा देने की ज़रूरत किसलिए?
बीजेपी नेता खुद विदेशी उत्पादों के दीवाने, जनता को देते हैं ‘स्वदेशी’ का भाषण
गुरिंदरजीत ने तंज कसते हुए कहा— “बीजेपी के नेता पेन से लेकर महंगी गाड़ियों तक सब कुछ विदेशी इस्तेमाल करते हैं। उनके मोबाइल, चश्मे, ब्रांडेड कपड़े—सब विदेशी होंगे, और जनता को स्वदेशी अपनाने की नसीहत देते हैं।”
जापानी कंपनिया बना रही रिहायशी इमारतें, भारतीय पैसा बाहर जा रहा — बड़ा आरोप
गुरिंदरजीत ने कहा कि गुरुग्राम में जापानी कंपनी द्वारा रेजिडेंशियल बिल्डिंग का निर्माण इस बात का उदाहरण है कि बीजेपी सरकार विदेशी कंपनियों के लिए बाज़ार खोल रही है।
उन्होंने सवाल उठाया— “क्या हमारे पास बिल्डिंग बनाने की तकनीक नहीं? जमीन, मजदूर, मशीनें सब भारत की, और मुनाफा करोड़ों में जापान जाएगा। क्या यही आत्मनिर्भर भारत है?”
उन्होंने कहा कि इससे घरेलू बिल्डरों, ठेकेदारों और भारतीय मुद्रा—तीनों को नुकसान हो रहा है।
अमेरिका भारतीय कंपनियों पर टैरिफ लगाता है, और भारत विदेशी कंपनियों को लाल कालीन बिछाता है
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा— “अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय कंपनियों पर 100% टैरिफ लगाकर हमारी कमर तोड़ देता है, लेकिन हमारी सरकार उसी अमेरिका की कंपनी टेस्ला के लिए शोरूम खोलकर मुफ्त में प्रचार करती है!”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विदेशी सरकारें अपने उद्योग बचाने के लिए सख्त कदम उठा सकती हैं, तो भारत अपने उद्योगपतियों और निर्माताओं की रक्षा क्यों नहीं कर सकता?
KFC–McDonald’s–Coca Cola जैसी कंपनियाँ भारत की कमाई विदेश ले जा रही हैं
उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियाँ भारत के प्राकृतिक संसाधन और मजदूरी का फायदा उठाकर अरबों का मुनाफा विदेश ले जाती हैं, जबकि भारतीय व्यापारियों और उद्योगों को उचित प्लेटफ़ॉर्म तक नहीं मिल रहा।
बीजेपी के नारे नहीं, सख्त कदम चाहिए: गुरिंदरजीत
गुरिंदरजीत ने मांग की कि—
विदेशी आयात पर कड़ी रोक लगे
स्वदेशी उद्योगों को प्राथमिकता मिले
विदेशी कंपनियों के अनियंत्रित विस्तार पर लगाम लगे
सरकार नारे नहीं, ठोस नीतियाँ लागू करे
अंत में उन्होंने कहा— “बीजेपी को आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी अपनाओ जैसे नारों का ढोंग छोड़कर वास्तविक कदम उठाने होंगे। तभी देश आगे बढ़ेगा और भारतीय उद्योग सुरक्षित रहेंगे।”
जय हिंद।









