गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा तथा गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कौशिक होने मुख्यातिथि
विशेषज्ञ करेंगे “विकसित भारत 2047 : भगवत ज्ञान से राष्ट्र-निर्माण की दिशा” पर मंथन
गुरुग्राम, 27 नवंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आज शुक्रवार को भारतीय ज्ञान एवं भाषा विभाग तथा जिला प्रशासन गुरुग्राम द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। “विकसित भारत 2047 : भगवत ज्ञान से राष्ट्र-निर्माण की दिशा” विषय पर केंद्रित यह संगोष्ठी सुबह 11 बजे से विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में होगी।
जिला परिषद के सीईओ एवं जिला स्तरीय गीता महोत्सव के नोडल अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विद्वान, शिक्षा विशेषज्ञ और विशिष्ट अतिथि गीता के यूनिवर्सल ज्ञान को आधुनिक विकास मॉडल से जोड़ते हुए अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। सुमित कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा एवं गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कौशिक बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। सीईओ ने बताया कि संगोष्ठी में वक्ता के रूप में हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ एस.के. हुड्डा तथा संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल के पूर्व कुलपति डॉ श्रेयांश द्विवेदी विशेष व्याख्यान देंगे। वे बताएंगे कि गीता का कर्मयोग, नेतृत्व, कर्तव्यपालन और नीतिगत स्पष्टता आगामी “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय संकल्प को सशक्त दिशा कैसे प्रदान कर सकती है।
सीईओ सुमित कुमार ने बताया कि यह सेमिनार 29 नवंबर से 01 दिसंबर तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव का मुख्य बौद्धिक आकर्षण है, जिसका उद्देश्य युवाओं, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को गीता के व्यापक संदेश से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्यात्म, नीति, नेतृत्व और आधुनिक प्रशासनिक संरचना के बीच संबंध को समझने का अवसर मिलेगा।









