गुरुग्राम, 25 नवंबर (अशोक): निजी स्कूलों की मनमानी, छात्रों के मानसिक उत्पीड़न और गरीब बच्चों के अधिकारों की अनदेखी को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिला प्रभारी संजय ठकराल की अगुवाई में सौंपा गया।
संजय ठकराल ने कहा कि आज शिक्षा सेवा न रहकर “मुनाफा कमाने का बड़ा कारोबार” बन गई है। निजी स्कूलों का रवैया बच्चों और अभिभावकों के प्रति लगातार असंवेदनशील और अपमानजनक होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फीस में मामूली देरी पर बच्चों को क्लास से बाहर खड़ा करना, परीक्षा से रोकना और सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अब आम बात हो गई है।
संजय ठकराल ने बताया कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों तथा शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस/बीपीएल वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य आरक्षण है, लेकिन गुरुग्राम के अधिकतर बड़े निजी स्कूल इन प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। गरीब बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी की जाती है और अभिभावकों से दुर्व्यवहार तक किया जाता है।
शिवसेना ने मांग की है कि—
- जिन निजी स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस/बीपीएल कोटे के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है, उनकी मान्यता तुरंत रद्द की जाए।
- फीस वृद्धि और अन्य चार्जेज के नाम पर हो रही कथित लूट की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उप प्रमुख सुरेंद्र झांगू, जिलाध्यक्ष राकेश सहरावत, ब्लॉक प्रमुख मनोज कुमार, सुभाष सारवान, कीर्ति सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।








