महिला-सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति तैयार करे सरकार: कुमारी सैलजा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसक वारदातें प्रदेश की अस्मिता और संवेदनशीलता पर गहरी चोट

चंडीगढ़, 25 नवंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में हरियाणा में घटी चार अत्यंत दर्दनाक और चिंताजनक घटनाओं ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था, विशेष रूप से महिला-सुरक्षा को लेकर अनेक गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करनाल में दिनदहाड़े युवक की गोली मारना और इसके साथ ही एक अज्ञात महिला की निर्मम हत्या कर उसके शव को नहर की पटरी पर फेंक देने जैसी घटना ने हमारे समाज को झकझोर कर रख दिया है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ती ऐसी हिंसक वारदातें केवल पीड़ित परिवारों का दर्द नहीं बढ़ातीं, बल्कि पूरे प्रदेश की अस्मिता और संवेदनशीलता पर भी गहरी चोट करती हैं। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों को कठोरतम सजा मिले, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि वे उस महिला के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती है जिसकी पहचान तक नहीं हो सकी। किसी महिला के माथे पर गोली मारकर हत्या करना और उसे निर्जीव वस्तु की तरह फेंक देना हमारे समाज की क्रूरता का भयावह रूप है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा अब केवल एक मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक सवाल बन चुका है, जिसे तुरंत और दृढ़ता से संबोधित किए जाने की आवश्यकता है। हरियाणा जैसे प्रगतिशील राज्य में महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की बर्बर घटनाओं का बढ़ना बेहद चिंताजनक है। यह स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त तथा जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए न केवल त्वरित कार्रवाई करे, बल्कि भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय भी सुनिश्चित करे। यह जरूरी है कि ऐसी घटनाओं की जांच निष्पक्ष, तेज़ और पारदर्शी हो, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और समाज में कानून का भरोसा मजबूत हो।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि वे राज्य सरकार से अपेक्षा करती है कि महिला-सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति तैयार की जाए। शहरों से लेकर गांवों तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, और महिलाओं के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाए। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों को कठोरतम सजा मिले, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। साथ ही कुमारी सैलजा ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट होकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और महिला-सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखें। एक सुरक्षित समाज तभी संभव है जब हम महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार देने के लिए सचेत और सक्रिय रहें।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें