ढाका में बेटियों का विश्व विजेता का डंका, हरियाणा में दौड़ी खुशी की लहर –
दिल्ली/भिवानी, 25 नवम्बर 2025 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन फॉर्म दिखाया। ग्रुप चरण के सभी मैच जीतकर टीम सेमीफाइनल में पहुंची, जहां उसने ईरान को 33-21 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। चीनी ताइपे भी अपने ग्रुप में अपराजित रही और सेमीफाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 25-18 से हराकर फाइनल में पहुंची थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दी बधाई –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारतीय महिला कबड्डी टीम की ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि कबड्डी विश्व कप 2025 जीतकर देश को गर्व महसूस कराने के लिए हमारी इंडियन विमेंस कबड्डी टीम को बधाई
हरियाणा प्रदेश गदगद हुआ –
भारतीय टीम की जीत पर बात करते हुए पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा, ‘महिला टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिस पर पूरा देश गर्व कर सकता है। टीम का आत्मविश्वास और सामूहिक खेल लाजवाब था। इस स्तर तक पहुंचना कितना मुश्किल होता है। महिला खिलाड़ियों को ढेरों बधाई।
जताई खुशी – ‘ढाका में महिला टीम ने लगातार दूसरा विश्व कप अपने नाम किया, यह भारत के लिए बेहद गर्व का क्षण है। उनकी शानदार रन और दमदार प्रदर्शन से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में महिला कबड्डी कितनी आगे बढ़ी है। यह खेल की वैश्विक लोकप्रियता का भी प्रमाण है, और मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह गति और बढ़ेगी।’
ढाका में आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भारतीय की बेटियों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए विश्व विजेता का खिताब जीता। जीत में अहम भूमिका निभाने वाली हिमाचल की पांच बेटियों ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। जैसे ही जीत की खबर प्रदेश पहुंची, गांवों से लेकर कस्बों तक खुशी की लहर दौड़ गई और घरों में जश्न मनाया गया।








