न्यायालय के आदेशों की उड़ती धज्जियां, दबंगों का आतंक: वरिष्ठ पत्रकार के कार्यालय में तोड़फोड़ और लाखों की चोरी!

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श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने की आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।

कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार और श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल धीमान को जान-माल का खतरा बरकरार।

पत्रकार जगत में आक्रोश की लहर।

कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़, 30 मार्च 2025: – कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार और संपादक अनिल धीमान के कार्यालय में तोड़फोड़ और चोरी की वारदात ने पत्रकार जगत में रोष पैदा कर दिया है। अनिल धीमान, जो भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड समाचार पत्र के संपादक और डिस्कवरी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, ने कुरुक्षेत्र के सैनी समाज भवन में अपने प्रेस कार्यालय के लिए किराए पर कमरा लिया था।

जबरदस्ती दान की मांग और उत्पीड़न का सिलसिला:
जनवरी 2024 के बाद सैनी समाज सभा ने अचानक किराया लेने से इनकार कर दिया और चंदे (दान) की रसीद देने की बात कही। जब अनिल धीमान ने इस अन्यायपूर्ण मांग का विरोध किया, तो समाज के कुछ पदाधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि उनके कार्यालय का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया।

न्यायालय का आदेश भी नहीं माना:
परेशान होकर अनिल धीमान ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। माननीय न्यायालय ने उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर जारी किया। लेकिन सैनी समाज सभा के कुछ पदाधिकारियों ने न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पत्रकार के कार्यालय की दीवार तोड़ दी और लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया।

पत्रकारों में उबाल, पुलिस पर सवाल:
पीड़ित पत्रकार ने इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र के पास शिकायत दर्ज करवाई है। अब सवाल उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेगा या पहले की तरह मामले को दबा दिया जाएगा। हरियाणा में पुलिसिया कार्यवाही की साख पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

पत्रकार संगठन ने उठाई आवाज:
हरियाणा में पत्रकारों के हितों की पैरवी करने वाले श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न्याय की तुरंत स्थापना होनी चाहिए।

क्या मिलेगा न्याय?
प्रश्न यह है कि माननीय न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ाने वाले इन दबंगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर पत्रकार को न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी?

जनता और पत्रकार समुदाय की नजर अब पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका की कार्रवाई पर टिकी है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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