पंजाब विश्वविद्यालय में ओबीसी कोटा न लागू करना संविधान के खिलाफ: करण चौटाला

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पंजाब विश्वविद्यालय में पिछले 20 साल से एडमिशन और टीचिंग स्टाफ में ओबीसी कोटा न लागू किए जाने पर ओबीसी रिजर्वेशन इंप्लीमेंटेशन फॉरम के एक प्रतिनिधिमंडल ने इनेलो के रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला और करण चौटाला को ज्ञापन सौंपा

करण चौटाला और अर्जुन चौटाला ने ओबीसीआरआइएफ प्रतिनिधि मंडल को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया

चंडीगढ़, 21 मार्च। ओबीसी रिजर्वेशन इंप्लीमेंटेशन फॉरम (ओबीसीआरआईएफ) के एक प्रतिनिधिमंडल ने इनेलो के रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला और जिला परिषद के चेयरमैन करण चौटाला से मुलाकात कर पंजाब विश्वविद्यालय में ओबीसी कोटा लागू न किए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पिछले बीस वर्षों से विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के एडमिशन और टीचिंग स्टाफ की भर्ती में ओबीसी कोटा लागू नहीं किया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इसे लागू किया जाना चाहिए।

ओबीसीआरआईएफ प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय में ओबीसी आरक्षण लागू करवाने के लिए महासंघ के अध्यक्ष बलविंदर मुल्तानी पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई बार अपनी चिंताओं को व्यक्त किया गया, लेकिन अधिकारी रणनीतिक रूप से ओबीसी आरक्षण को लागू करने में देरी कर रहे हैं और ओबीसी समुदाय के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं। इस भूख हड़ताल में इनेलो छात्र संगठन प्रभारी एडवोकेट रमन ढाका भी शामिल हुए।

प्रतिनिधिमंडल ने अर्जुन चौटाला और करण चौटाला से इस मुद्दे को हल कराने में सहयोग की अपील की, जिस पर दोनों नेताओं ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। ओबीसीआरआईएफ टीम ने पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा ओबीसी कोटा न लागू करने को संविधान का उल्लंघन बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द आरक्षण लागू करने और ओबीसी समुदाय को न्याय दिलाने की मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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