सत्ता की शतरंज …… विधायक विमला और पूर्व विधायक सत्य प्रकाश की प्रतिष्ठा दाव पर

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पटौदी जाटोली मंडी परिषद तथा मानेसर निगम जीतने की जिम्मेदारी

पटौदी जाटोली मंडी परिषद में भाजपा उम्मीदवारों का करवाया नॉमिनेशन

अध्यक्ष के दावेदार कांग्रेस की तरफ से राजरानी ने किया नॉमिनेशन

पटौदी जाटोली मंडी परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 14 उम्मीदवार दावेदार

फतह सिंह उजाला 

पटौदी । सोमवार को शहरी निकाय चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन अपने-अपने नामांकन दाखिल किए जाने के साथ ही अब सत्ता की शतरंज को जीतने की मशक्कत आरंभ हो गई है। सत्ता की शतरंज के इस खेल में भाजपा की विधायक विमला चौधरी और पूर्व विधायक सत्य प्रकाश की प्रतिष्ठा एक प्रकार से दाव पर लग गई है। सत्ताधारी भाजपा के द्वारा अध्यक्ष पद के लिए घोषित उम्मीदवार प्रवीण ठाकरिया को भाजपा की टिकट मिलने में इन दोनों नेताओं का अहम योगदान अथवा रोल बताया जा रहा है। इसी कड़ी में यह भी महत्वपूर्ण बात है कि मानेसर नगर निगम का मेयर पद पर घोषित उम्मीदवार को जिताने की जिम्मेदारी भी विमला चौधरी और सत्य प्रकाश अपने कंधे पर होने से इनकार नहीं कर सकते। मानेसर नगर निगम क्षेत्र पटौदी विधानसभा क्षेत्र का ही अभी हिस्सा है। पूर्व विधायक सत्य प्रकाश स्वयं मानेसर क्षेत्र के ही निवासी भी हैं।

इसी प्रकार से दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके कांग्रेस नेता सुधीर चौधरी की पत्नी राजरानी को कांग्रेस पार्टी के द्वारा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित करने के साथ ही सोमवार को राजरानी के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया। इसके साथ ही स्वयं सुधीर चौधरी ने भी कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर अपना नॉमिनेशन किया है। यहां पर भी हालात को देखते हुए कांग्रेस के लिए परिषद का चुनाव जीतना निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती से कम नहीं रहने की अभी से संभावना बनती हुई दिखाई देने लगी है । इसका मुख्य कारण है कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहकर राज्य शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पटौदी के पूर्व विधायक और पूर्व विधायक संगठन हरियाणा के अध्यक्ष रामवीर सिंह के द्वारा भी परिषद अध्यक्ष के लिए अपना नॉमिनेशन कर दिया गया है। इसी कड़ी में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए रात दिन मेहनत करते हुए पसीना बहाने वाले डॉक्टर हरिओम सभरवाल के द्वारा भी अपना नॉमिनेशन किया गया है।

भाजपा की टिकट के लिए कई अन्य दावेदार अपनी दावेदारी लेकर सक्रिय रहे। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ नेताओं के द्वारा पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं के बायोडाटा भी अध्यक्ष की टिकट के समर्थन में मंगवाए गए। लेकिन जो भी कोई फैसला हुआ वह आप सभी के सामने है। ऐसे में जो कार्यकर्ता आश्वासन के बावजूद टिकट से वंचित रहे, उनकी नाराजगी भी कहीं ना कहीं भाजपा और भाजपा के उम्मीदवार के लिए परेशानी बनने से इनकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल मंगलवार 18 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी और बुधवार 19 फरवरी को नामांकन वापस लेने के बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा।

पटौदी जाटोली मंडी परिषद के चुनाव अधिकारी पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच के मुताबिक सोमवार को अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित पटौदी जाटोली मंडी परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रामवीर सिंह (पूर्व विधायक) डॉ मुरारी लाल, सुभाष चंद छन्ना नंबरदार, डॉक्टर हरिओम सभरवाल (सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता) प्रवीण कुमार ठाकरिया (भाजपा उम्मीदवार) आरती, राजरानी पत्नी सुधीर चौधरी (कांग्रेस उम्मीदवार) सुधीर कुमार चौधरी(कांग्रेस नेता) निशा के द्वारा अपना नॉमिनेशन किया गया है। इससे पहले सतीश, जय नारायण बजरिया, श्यो नारायण, सतबीर पवार (कांग्रेस नेता) सुनील कुमार दोचनीया( आरएसएस समर्थक) के द्वारा भी नॉमिनेशन किया जा चुके हैं । पटौदी जाटोली मंडी नगर परिषद में एससी वर्ग के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद के लिए कुल 14 दावेदारों के द्वारा अपना नॉमिनेशन किया गया है।

नॉमिनेशन करने वाले नेताओं और चेहरों पर ध्यान दिया जाए तो उनकी पृष्ठभूमि राजनीतिक और राजनीतिक दलों से जुड़ी हुई होने के साथ-साथ नेताओं के समर्थन के रूप में भी है। मुख्य मुकाबला राजनीतिक तौर से सीधे-सीधे भाजपा और कांग्रेस में माना जा रहा है। लेकिन इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता दोनों ही पार्टियों के टिकट के दावेदार टिकट से वंचित रहने के बाद सत्ता की शतरंज में जीत हासिल करने के लिए अपना नॉमिनेशन गंभीरता से करते हुए सक्रिय भी हो गए हैं। परिषद अध्यक्ष के लिए नॉमिनेशन करने वालों में सबसे कम उम्र अथवा युवा दावेदार उम्मीदवार 27 वर्षीय आरती वार्ड नंबर 8 से है। इसी प्रकार वार्ड नंबर 18 से 29 वर्षीय निशा भी अपने दावेदारी लेकर मैदान में है। अनुभवी और वरिष्ठता की तरफ ध्यान दिया जाए तो 75 वर्षीय पूर्व विधायक रामवीर सिंह भी मैदान में मौजूद हैं। सभी दावेदारों  में से कौन उम्मीदवार किसको कितनी अधिक चुनौती देकर विजेता बनेगा ? इसके लिए 2 मार्च को मतदान के बाद 12 मार्च को मतगणना होने तक इंतजार करना ही होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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