सूरजकुंड क्राफ्ट मेला : हरियाणा पैवेलियन अपणा घर में  पगड़ी बंधवाओ, फोटो खिंचवाओ इवेंट का लोगों में क्रेज 

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मुख्य सचिव विवेक जोशी ने दौरा कर गंभीरता से देखा मेला

फरीदाबाद, सूरजकुंड , 9 फरवरी : हरियाणा सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित 38वें सूरजकुंड क्राफ्ट मेला 2025 में आज राज्य के मुख्य सचिव विवेक जोशी ने भी दौरा किया और गंभीरता से मेला को देखा। पर्यटन विभाग के अधिकारी विजेंद्र शर्मा विशेष अतिथियों के सत्कार में पूरी टीम के साथ लगे हैं। चौपाल पर हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी दर्शकों की काफी भीड़ जुट रही है।

इस मेला में विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र द्वारा स्थापित हरियाणा पैवेलियन अपणा घर में पगड़ी बंधवाओ, फोटो खिंचवाओ इवेंट का यहां आने वाले लोगों में काफी क्रेज है। पुरुषों के साथ महिलाएं भी अपने सिर पर पगड़ी बंधवा रही हैं। अपणा घर की प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारम्परिक विषय-वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैंकड़ों वर्ष पुरानी विषय-वस्तुएं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बन रही हैं। यहां खाट (चारपाई ) के साथ रखे हुक्के के साथ भी लोगों का विशेष रुझान बना हुआ है।100 साल पुरानी बैलड़ी भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है।

विरासत दि हेरिटेज विलेज के संयोजक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि हरियाणवी लोकजीवन के परिवहन के साधनों में बैलड़ी एक ऐसा माध्यम रहा है, जिसके बिना हरियाणवीं जन-जीवन की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। बैलड़ी का चलन ईसा से लगभग तीन हजार वर्ष पूर्व माना जाता है। हरियाणवीं लोकजीवन में बैलड़ी वास्तव में आम आदमी की खास सवारी के रूप में जानी जाती रही है। ग्रामीण जीवन में बैलड़ी का प्रयोग जहां एक ओर सवारी के रूप में किया जाता रहा है, वहीं पर दूसरी ओर परिवहन के साधन के रूप में सामान लाने व ले जाने के लिए भी इसका प्रयोग होता रहा है। इसके अतिरिक्त मेल़ों आदि में भी पहले के लोग बैलडिय़ों के माध्यम से ही मेला देखने जाया करते थे।

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Author: Bharat Sarathi

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