-मियाद निकलने से हो थी, आमजन को दिक्कत

नारनौल। जिला उपायुक्त के न्यायालय में नए दावे या अपील स्वीकार नहीं किये जाने से दायरी की कालावधि समाप्त होने के कारण होने वाली तकनीकी दिक्कत के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने बताया की गत कुछ समय से जिला उपायुक्त मोनिका गुप्ता के न्यायालय के रीडर यह कहते हुए नए दावे या अपील स्वीकार नहीं कर रहे हैं की उन्हें डीसी साहिबा ने मना किया हुआ है की उनकी अनुमति के बिना नए दावे या अपीलों की फाईलिंग ना की जाए। वकीलों का यह भी कहना था, की जिला उपायुक्त के दिनों से ना तो न्यायालय में बैठ रही हैं और ना ही वकीलों या पक्षकारों से अपने कार्यालय में मिल रही हैं। ऐसे में नए दावों व अपीलों के दायर करने की मियाद निकल रही है। वकीलों का यह भी कहना था की मुकदमो के दायर करने की मियाद निकलने के कारण कानूनी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों का यह कहना था की दावों की फाईलिंग हो जाये व दायर करने की रसीद मिल जाये तो मुकदमो की मियाद समाप्ति की तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। वकीलों का यह भी कहना है की उपायुक्त के न्यायालय में बैठने का कोई समय नीयत नहीं है, यदि वकील अपने जूनियर वकीलों या मुंशियों को भेजते हैं, तो उन्हें तारीख भी नहीं दी जाती है, इससे भी वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

इस समस्या के निदान हेतु करीब 50 वकील उपायुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित हुए, उसके काफी देर बाद जिला उपायुक्त ने वकीलों के प्रतिनिधि मंडल से मिलना मुनासिब समझा। वकीलों का प्रतिनिधि मंडल पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट, सचिव सुमित चौधरी की अगुवाई में मिला जिसमें पूर्व सचिव अनिल बवानिया, विकास शर्मा सहित अन्य वकील उपस्थित थे। 

वकीलों का कहना था की रीडर दावों व अपीलों की फाइल को लेकर, दायरी की रसीद दे दे, ताकी उनके दावे व अपील मियाद के भीतर दायर हो सकें। इस पर जिला उपायुक्त ने इस सम्बंध में अपने न्यायालय के कर्मचारी को निर्देश दे दिए। इस अवसर पर नीरज बडेसरा, रन्धावा सिंह, रविकांत शर्मा, सुरेंद्र सैनी, हितेश यादव, जयवेन्द्र यादव, शुभम शर्मा, नितेश भारद्वाज, हर्षद शर्मा, दुलीचन्द गुर्जर, वीरेंद्र चंदेला, बाबूलाल शर्मा, नवीन जांगड़ा, नितिन शर्मा सहित अनेक वकील उपस्थित थे।

उपायुक्त से मुलाकात में रोड़ा बन पुलिस वाला

वकील उपायुक्त से मिल रहे थे तो, एक पुलिस कांस्टेबल ने हाथ का बल प्रयोग करके एक वकील को उपायुक्त की मेज से काफी दूर रोक दिया। इस पर पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ ने भारी एतराज जताया और कहा की वकील आम जनता की समस्या के लिए उनसे उपायुक्त के नाते मिलने आये हैं, वकील कोई बदमाश नहीं हैं जो उन्हें इस तरह से पुलिस वाला बल का प्रयोग करके रोक रहा है। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों व जनता के बीच के संवाद से ही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। उनका यह भी कहना था कि इस तरह का आचरण आमजन के मन मे भय कारित करने वाला है, जो उचित नहीं है।

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