10 जनवरी 2023 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा भाजपा सरकार व उसके प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित माजरा रेवाडी एम्स के शिलान्यास में हो रही देरी पर लीपापोती करके अहीरवाल के लोगों को ठगने की बजाय आमजनों को स्पष्ट बताये कि एम्स शिलान्यास में हो रही देरी के पीछे वास्तविक कारण क्या है? वहीं विद्रोही ने केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह व हरियाणा सरकरा के मंत्री डा0 बनवारी लाल से भी आग्रह किया कि वे शीघ्र एम्स शिलान्यास करवाने का झांसा देने की बजाय शिलान्यास न होने की कठिनाईयों को ईमानदारी से दूर करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर पर दबाव बनाये। राव इन्द्रजीत सिंह माजरा एम्स शिलान्यास का श्रेय लेने प्रधानमंत्री मोदीजी के पास पत्र देकर मीडिया में फोटो इवेंट करके एम्स शिलान्यास का समय तो मांगते है, पर वे इस तथ्य को क्यों भूले जाते है कि एम्स के लिए माजरा ग्रामीणों द्वारा दी गई 210 एकड जमीन में से लगभग दस एकड जमीन जो विभिन्न नाबालिगों व एनआईआर नागरिकों के नाम है, जब तक उस जमीन की रजिस्ट्री एम्स के नाम पर नही हो जाती है, तब तक न तो कानूनी रूप से एम्स भवन का नक्शा पास हो सकता है और न ही पूरी जमीन को पर्यावरण एनओसी मिल सकती है। 

विद्रोही ने कहा कि कटु सत्य प्रतीत होता है कि जब तक एम्स की प्रस्तावित कुल 210 एकड़ जमीन में से 10 से 12 एकड़ जमीन के जो पैच बीच में पडे है, उन सभी पैचों कीे रजिस्ट्री एम्स के नाम पर नही होती है, तब तक एम्स शिलान्यास होना कठिन है। वहीं यदि एम्स शिलान्यास करकेे जनता को भावनात्मक रूप से ठग भी लिया जाता है तो जब तक पैच वाली जमीन कानूनी रूप से एम्स के नाम पर नही होती है तब तक विधिवत रूप से एम्स निर्माण कैसे होगा? सवाल उठता है कि अहीरवाल से निर्वाचित जनप्रतिनिधि इस साधारण सी बात को समझकर एम्स निर्माण में रोड़ा बन रही इस पैच वाली जमीन का समाधान करने की दिशा मे काम क्यों नही कर रहे?

विद्रोही ने कहा कि एम्स की जमीन के बीच में जो जमीन नाबालिगों व एनआईआर नागरिकों के नाम है, उसका एकमात्र समाधान यही है कि हरियाणा सरकार अपनी विशेष शक्ति का प्रयोग करके इस पैच वाली जमीन का अधिग्रहण करके एम्स के नाम कर ले ताकि एम्स की जमीन एकमुश्त पूरी हो और बीच में कोई पैच न बचे। हरियाणा सरकार इस जमीने का अधिग्रहणे करने में जितनी देर करेगी, उतनो ही एम्स निर्माण प्रक्रिया में देरी होगी। विद्रोही ने भाजपा सरकार से मांग की कि वह अहीरवाल की जनता को एम्स के नाम पर भावनात्मक रूप से ठगने की बजाय पैच वाली जमीन का अधिग्रहण करके एम्स निर्माण कीे सभी बाधाओं को दूर करे। 

error: Content is protected !!