एम्स के जमीन पर फंक्शनल होने के एक-एक बिन्दू के कार्य के लिए एक निश्चित समय अवधि का कलैंडर बनाये और हर बिन्दू के लिए एक-एक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाये। विद्रोही

13 जुलाई 2022 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने मांग की कि माजरा के सभी किसानों की जमीन की रजिस्ट्रीया एम्स के नाम के होते ही इस जमीन की तत्काल पर्यावरणीय मंजूरी केन्द्रीय पर्यावरण समिति से ली जाये व अनुमति मिलते ही हरियाणा सरकार इसकी सीएलयू करने में एक क्षण की भी देरी न करे। विद्रोही ने कहा कि मनेठी-माजरा एम्स निर्माण में पहले ही जरूरत से ज्यादा देरी हो चुकी है। भविष्य में यह परियोजना फिर से तकनीकी समस्याओं में न उलझे, इसके लिए आवश्यक है कि माजरा की जमीन पर एम्स निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी कानूनी औपचारिकताएं एक निश्चित समय में पूरी की जाये। एम्स निर्माण में पहलेे पूरी की जाने वाली आवश्यक कानूनी औचारिकताओं को पूरा किये बिना माजरा में एम्स का शिलान्यास करना किसी भी तरह तर्कसंगत व न्यायसंगत नही होगा। श्रेय लेने की होड़ व वोट बैंक की राजनीति के लिए किये जाने वाले शिलान्यास का कोई औचित्य नही है।

विद्रोही ने कहा कि एम्स के नाम पर अहीरवाल के साथ पिछले सात सालों से जो व्यवहार हुआ है, उससे यहां की जनता को और जागरूक व सावधान होने की जरूरत है। माजरा की सारी जमीन की रजिस्ट्रीया एम्स के नाम होते ही सबसे पहले इस जमीन की पर्यावरणीय अनुमति लेना आवश्यक है और यह अनुमति मिलते ही इस जमीन की सीएलयू हरियाणा सरकार तत्काल करे। पर्यावरणीय अनुमति लेने व सीएलयू करने का कलैंडर हरियाणा सरकार तत्काल जारी करे और दोनो कामों कीे पूर्ति के लिए एक-एक उच्चाधिकारी की जिम्मेदारी लगाई जाये ताकि दोनो काम एक निश्चित समय अवधि में पूरे हो सके और निश्चित समय पर काम पूरा नही होने पर सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय करके कार्रवाई की जाये। 

विद्रोही ने कहा कि हरियाणा सरकार केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से समन्वय करके माजरा एम्स निर्माण की कार्रवाई शुरू करने से इस एम्स के जमीन पर फंक्शनल होने के एक-एक बिन्दू के कार्य के लिए एक निश्चित समय अवधि का कलैंडर बनाये और हर बिन्दू के लिए एक-एक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाये। जब तक माजरा एम्स का निर्माण शुरू होने से फंक्शनल होने तक का बिन्दूवाईज कलैंडर नही बनेगा, तब तक यह नही कहा जा सकता कि जमीन पर माजरा एम्स कब फंक्शनल हो सकेगा। विद्रोही ने कहा कि एम्स निर्माण के विगत अनुभव को देखकर यह जरूरी है कि अब इस एम्स मामले में अनावश्यक देरी न हो, तकनीकीे रोड़े न आये, इसके लिए विशेष सावधानी व एक निश्चित समय अवधि के कलैंडर घोषणा की जरूरत हैै। 

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