Category: दिल्ली

संवेदनहीन न्याय? ………. बार-बार समाज को झकझोरते सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले !

क्या हमारी न्याय प्रणाली यौन अपराधों के मामलों में और अधिक संवेदनशील हो सकती है? या फिर ऐसे सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले बार-बार समाज को झकझोरते रहेंगे? यह मामला न्यायपालिका की…

पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर नई दिल्ली के जंतर – मंतर पर हुआ देश भर के हजारों पत्रकारों का महाधरना

महाधरने में गूंजे पत्रकारों के हक की आवाज़: श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इन्दु बंसल ने संभाली कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा गया 10 सूत्री मांग…

रील्स और साहित्य: डिजिटल युग में साहित्यिक क्षरण

✍ विजय गर्ग इन दिनों रील्स और उनके कंटेंट को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर रील्स देखना लोगों के लिए बेहद लोकप्रिय हो गया है। यह…

वर्तमान युग पत्रिका द्वारा राष्ट्रीय गौरव सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

नई दिल्ली, 25 मार्च: वर्तमान युग पत्रिका द्वारा कांस्टीट्यूशनल क्लब रफी मार्ग नई दिल्ली में पहला राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2025 समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट…

सादा जीवन, उच्च विचार: भारतीय संस्कृति की नींव

– एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी भारतीय संस्कृति की बुनियाद हमेशा से ही “सादा जीवन, उच्च विचार” पर आधारित रही है। यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन जीने की वह…

डिजिटल भारत में विचारों की बेड़ियां

सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है। सेंसरशिप और आत्म-नियमन से प्लेटफार्म अधिक…

शिक्षा सुधार में निजी स्कूलों की अहम भूमिका

– विजय गर्ग स्वतंत्रता के बाद भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं, लेकिन छात्रों में सीखने की समस्या अब भी बनी हुई है। शिक्षा की…

संसार में मृत्यु: अटल सत्य और मानवीय मृत्यु का अनसुलझा रहस्य

मानवीय मृत्यु एक अनसुल्झी पहेली बनी हुई है – शरीर से आखिर ऐसा क्या निकल जाता है कि शरीर निर्जीव हो जाता है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं सृष्टि की…

“पेंशन की लड़ाई: कर्मचारियों का हक़ या सरकारी बोझ?”

भारत में 2004 से पहले सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन दी जाती थी। इसके तहत— सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन निश्चित पेंशन मिलती थी। अंतिम वेतन…

भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2025 – प्रमुख परिवर्तन और प्रभाव 

विजय गर्ग भारत सरकार ने बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2025 का अनावरण किया है, जिसमें देश की शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से परिवर्तनकारी परिवर्तन शुरू किए गए…

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