पालिका के कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मनाया बलैक टयूजडे.
समान काम-समान वेतन औैर ठेका प्रथा बंद करने की मांग

फतह सिंह उजाला

पटौदी । समान काम-समान वेतन, ठेका प्रसाद बंद करन,े कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी मांगों को लेकर पटौदी और हेली मंडी नगरपालिका के आउट सोर्स तथा ठेका पर कार्यरत डोर टू डोर एवं सफाई कर्मचारी का अपनी मांगों को लेकर विरोेध प्रदर्शन जारी हैं । मंगलवार को हेलीमंडी नगर पालिका के कर्मचारियों ने शहर में नारेबाजी करते बलैक टयूजडे मनाया। प्रदर्शनकारी काले वस्त्र पहने थेे, महिला कर्मचारियों ने काली चुन्नी ओढ़ रखी थी, हाथों में काले झंडे और जुबान पर कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे थे।

मंगलवार को भी नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, नगर पालिका संघ के जिला प्रधान राजेश कुमार , वरिष्ठ उप प्रधान बसंत कुमार, सचिव संजीत कुमार के नेतृत्व में आउट सोर्स, डोर टू डोर, ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हाथों में झाड़ू लहराते हुए नगर भर में प्रदर्शन किया।  इस दौरान प्रदर्शनकारी कर्मचारी सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि निदेशक शहरी स्थानीय निकाय के लेटर डी यू एल बी/ स्था/ 3ई/2021/ 77 62 तिथि 30 मार्च को जारी लेटर में दिए गए निर्देशों को नगर पालिका प्रशासन और सचिव के द्वारा ठेंगा दिखाया जा रहा है। निदेशक शहरी स्थानीय निकाय पंचकूला द्वारा 30 मार्च 2021 को सभी आयुक्त नगर निगम, जिला नगर आयुक्त नगर परिषद, नगर पालिका सभी कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद और सचिव नगरपालिका को प्रेषित पत्र के मुताबिक लिखा गया है कि हरियाणा सरकार द्वारा समान काम के आधार पर समान वेतन प्रदान करने के संबंध में जारी की गई हिदायतें क्रमांक 16/36/ 2016 3जीएस दिनांक 3 नवंबर 2017 के दृष्टिगत सभी नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पालिकाओं, नगर सुधार मंडल के कर्मचारियों को माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील नंबर 213/ 2013 पंजाब सरकार बनाम जगजीत सिंह के मामले में 26 अक्टूबर 2018 को दिए गए निर्णय के पैरा नंबर 42 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समान काम के आधार पर समान वेतन प्रदान करने की कार्रवाई अमल में लाई जाए ।

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा फरीदाबाद द्वारा इस संबंध में बार-बार पालन नहीं करने बारे शिकायतें प्राप्त हो रही हैं । अतः पुनः निर्देश दिए जाते हैं , सरकार द्वारा जारी पत्र दिनांक 5 अप्रैल 2018 को जारी दिशा-निर्देशों की दृढ़ता के साथ में पालन करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए। कर्मचारी नेताओं और तमाम कर्मचारियों का आरोप है कि इस प्रकार के आदेश नगर पालिका कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के पास कभी के पहुंच चुके हैं । लेकिन कथित रूप से जानबूझकर कोर्ट और साथ में हरियाणा सरकार के आदेशों को भी हर घर में अधिकारी अपनी ठोकर पर रखे हुए हैं यह सीधे-सीधे कोर्ट की अवमानना का भी मामला बनता है । कर्मचारी नेताओं के साथ में आंदोलनरत कर्मचारियों के द्वारा दो टूक शब्दों में कहा गया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती, बकाया वेतन भुगतान का अविलंब भुगतान नहीं किया जाता, ठेका प्रथा बंद नहीं की जाती, उनका यह आंदोलन इसी प्रकार से जारी रहेगा ।

इस दौरान पालिका क्षेत्र में साफ सफाई नहीं होने के साथ कूड़ा करकट के बढ़ते ढेरों की वजह से जो भी हालात बनते हुए बीमारियां फूटने का डर प्रतिपल बढ़ता जा रहा है , उसके लिए केवल मात्र स्थानीय नगर पालिका के अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन ही पूरी तरह से जिम्मेदार और जवाबदेह है । जबकि तमाम सफाई कर्मचारियों के द्वारा कोरोना कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए रात दिन कूड़े करकट की साफ सफाई करते हुए शहर को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई । लेकिन अब जब उनके अधिकार और हक हकूक को पूरा करने के निर्देश जारी हो चुके हैं , ऐसे में सरकार की छवि और विश्वसनीयता को बट्टा लगा रहे अधिकारी ही एक बार फिर से आम आदमी को महामारी सहित बीमारियों की तरफ धकेलने का काम कर रहे हैं।