कृषि विज्ञान केंद्रों की मासिक समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

हिसार : 02 जून – चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने कहा कि सभी कृषि विज्ञान केंद्रों पर समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल इकाई स्थापित कर किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जाएगा। इससे छोटी से छोटी जोत से भी किसान अधिक आमदनी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा किसान कृषि विविधिकरण की अधिक से अधिक जानकारी हासिल कर उन्हें अपने खेत पर अपना सकेंगे। वे ऑनलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के इंचार्जों की मासिक समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में भी जागरूक करने और जरूरत पडऩे पर उन्हें इससे संबंधित मशीनरी भी मुहैया करवाने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय द्वारा जारी समग्र सिफारिशों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए ताकि किसान ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सकें।

कुलपति ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद कृषि उपज को बढ़ाने में कृषि विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि वर्ष 2019-20 तक कृषि उपज में लगभग आठ गुणा की बढ़ोतरी हुई है। विश्वविद्यालय की विस्तार कार्यप्रणाली बहुत ही मजबूत है, यही कारण है कि कोरोना महामारी के चलते भी निदेशक अटारी जोधपूर व विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा दिए गए लक्ष्य को समय पर पूरा किया है। साथ ही लगातार किसानों के संपर्क में रहते हुए फसलों के संबंध में हर प्रकार की समस्याओं का समाधान किया गया है। विश्वविद्यालय के विस्तार वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी वे विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकों एवं विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों की जानकारी किसानों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचाएं ताकि किसानों का भला हो सके और विश्वविद्यालय अपने किसान हितैषी लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ता रहे। इसके लिए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, बागवानी विभाग, पशुपालन विभाग, मछली पालन विभाग, कृभको, इफको आदि के साथ आपसी तालमेल करने पर जोर दिया।

प्रत्येक केवीके पर होगा जिला स्तरीय कार्य्रकम

कुलपति ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इसमें प्रत्येक जिले के खण्ड स्तर पर प्रत्येक गांव से कम से कम दो-दो प्रगतिशील किसानों को शामिल किया जाएगा। इनको विश्वविद्यालय की विस्तार गतिविधियों व तकनीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि उनके माध्यम से प्रदेश भर में इनका प्रचार-प्रसार किया जा सके और उन्हें देखकर अन्य किसान भी अपनी आय बढ़ा सकें। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रामनिवास ढाण्डा ने इस समीक्षा बैठक में मुख्यातिथि व अन्य प्रतिभागियों का स्वागत किया और कुलपति द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया। समीक्षा बैठक में विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के इंचार्जों ने तैयार की गई रिपोर्ट प्रस्तुत। समापन अवसर पर उन्होंने मुख्यातिथि व सभी प्रतिभागियों का धन्यावाद किया। इस समीक्षा बैठक में सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के इंचार्ज व वैज्ञानिक भी शामिल हुए।

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