आरोप: इलाज न करने  की बात कह कर निजी अस्पताल ने तत्काल निकाला दिया

भिवानी।  प्रधानमंत्री कार्यालय में असिस्टेंट कमिशनर जब अपने घर गत सप्ताह भिवानी आया तो उसने कोरोना टेस्ट करवाया। जैसे ही उसे पता चला की वह कोरोना पॉजिटिव है तो उसने सिविल अस्पताल के कोविड- 19 से जुड़े एक डॉक्टर से बात की और निजी अस्पताल की राय ली। डॉक्टर ने कहा कि यह कोई विषय नही है, आप जा सकते है,ं मेरी निजी अस्पताल में बात हो चुकी है।

ज्यों ही ऑफिसर निजी अस्पताल पहुंचा तो एक बार उन्हें एक अलग कमरे में बैठाया गया। इसके बाद तुरंत कहा आप सिविल अस्पताल जाएं। निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने कुछ देर बाद कहीं बात कर काफी गुस्से में कहा। ऑफिसर ने विनम्रता से परिचय दिया और अपना पहचान पत्र भी दिखाया। लेकिन बदसलूकी करते हुए उन्हें तत्काल वहां से निकाल दिया।

पीएमओ में असिस्टेंट कमिशनर ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब मुझे सांस लेने में काफी तकलीफ महसूस हो रही थी। मैंने बार बार यही कहा कि फस्र्टएड मुझे आप शुरुआत में दे दें। लेकिन निजी अस्पताल के कर्मचारियों का रवैया बेहद ही दुखदायी था। फिलहाल अस्सिस्टेंट कमिश्नर सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है।

error: Content is protected !!