दिल्ली में पहले आप सरकार पंजाब को ठहराती थी जिम्मेदार, अब भाजपा सरकार भी उसी रास्ते पर
केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सरकार मिलकर बनाएं समयबद्ध कार्ययोजना
वायु प्रदूषण के साथ यमुना और घग्गर की बदहाली भी गंभीर चिंता का विषय, पिछले 12 वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण पर खर्च हुए सरकारी धन का हिसाब दे सरकार
सिरसा, 6 नवंबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, उत्तराखंड प्रभारी एवं कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य कुमारी सैलजा ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के विभिन्न शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकारों की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। प्रदूषण के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराने से जनता को राहत नहीं मिलेगी।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराया जाता था। आज दिल्ली में भाजपा की सरकार है और वह भी पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगा रही है। सवाल यह है कि दोनों दलों ने अपने-अपने शासनकाल में प्रदूषण रोकने के लिए कितने प्रभावी और स्थायी कदम उठाए?
सांसद ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में सत्ता संभालते समय प्रदूषण नियंत्रण और यमुना की सफाई के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जनता आज भी परिणामों की प्रतीक्षा कर रही है। केंद्र में लगभग 12 वर्षों से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है। उसे बताना चाहिए कि इस अवधि में नदियों की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर कितनी धनराशि खर्च हुई तथा उसके क्या परिणाम निकले।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की जीवनदायिनी घग्गर नदी का प्रदूषण भी गंभीर चिंता का विषय है। कई स्थानों पर इसके पानी की गुणवत्ता और सिंचाई में उपयोग की उपयुक्तता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार को घग्गर में औद्योगिक अपशिष्ट और दूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
सांसद ने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और हरियाणा के अन्य शहरों में बिगड़ती वायु गुणवत्ता बताती है कि समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। कुमारी सैलजा ने मांग की कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की सरकारें तत्काल संयुक्त बैठक कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाएं। प्रदूषण नियंत्रण पर हुए खर्च का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाए, लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय हो तथा हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जारी की जाए।
लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ स्वीकार
सांसद ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और मेहनतकश लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्वच्छ हवा और स्वच्छ जल जनता का अधिकार है, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप इसका विकल्प नहीं हो सकते।








