कांग्रेस का आरोप—आठ महत्वपूर्ण मुद्दों पर नहीं दिया बिंदुवार जवाब, राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमलों से नहीं सुलझेंगे चुनावी निष्पक्षता के सवाल
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, किसानों की मांगों, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर मांगी जवाबदेही
चंडीगढ़, 5 नवंबर 2026। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरियाणा दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य में आरोप लगाया कि गृह मंत्री करनाल और अंबाला में राजनीतिक भाषण देकर लौट गए, लेकिन प्रदेश की जनता से जुड़े आठ महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक का भी बिंदुवार जवाब नहीं दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले चुनावी निष्पक्षता, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की समस्याओं और मुख्यमंत्री की जवाबदेही सहित आठ मुद्दों पर जवाब मांगे थे। उनके अनुसार, अमित शाह ने इन सवालों का जवाब देने के बजाय राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले किए, 1984 और बोफोर्स का राजनीतिक उल्लेख किया तथा घुसपैठियों के नाम पर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया।
दोनों नेताओं ने कहा, “अमित शाह जी, हरियाणा की जनता ने आपसे जवाब मांगे थे, राजनीतिक भाषण नहीं। आप देश के गृह मंत्री हैं, भाजपा के प्रचारक नहीं।” उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अराजकता नहीं, बल्कि नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों की स्वतंत्र जांच क्यों नहीं?
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों, एक जैसी तस्वीरों और मतदाता अभिलेखों में विसंगतियों सहित चुनावी अनियमितताओं के आरोप विशिष्ट तथ्यों के साथ उठाए थे। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा ने इन आरोपों का अब तक बिंदुवार जवाब क्यों नहीं दिया और इनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई।
दोनों नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले करने से हरियाणा की जनता के मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े सवाल समाप्त नहीं होंगे। इनका समाधान स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष जांच से ही हो सकता है।
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और जवाबदेही पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2023 के चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी कानून पर सवाल उठाते हुए पूछा कि नियुक्ति समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री को शामिल क्यों किया गया। उन्होंने इसी कानून की धारा 16 का उल्लेख करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को व्यापक कानूनी संरक्षण देने की आवश्यकता पर भी सवाल किया।
उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही आवश्यक क्यों नहीं मानी जानी चाहिए। दोनों नेताओं ने कहा, “चुनाव आयोग से सवाल पूछना अराजकता नहीं, लोकतंत्र की रक्षा का संवैधानिक दायित्व है।”
तीन करोड़ घुसपैठियों के दावे का आधिकारिक आधार बताएं
संयुक्त वक्तव्य में दोनों नेताओं ने कहा कि अमित शाह ने तीन करोड़ घुसपैठियों का दावा किया है। उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि यह आंकड़ा किस आधिकारिक और सत्यापित अभिलेख पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अथवा शुद्धिकरण के नाम पर किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक का मताधिकार नहीं छीना जाना चाहिए। देश के नागरिकों के वोट की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
1984 और बोफोर्स के उल्लेख से वर्तमान सवालों का जवाब नहीं मिलेगा
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने 1984 के सिख विरोधी नरसंहार को अत्यंत दर्दनाक और शर्मनाक अध्याय बताते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए तथा दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि 1984 और बोफोर्स का उल्लेख करने से आज की चुनावी निष्पक्षता, किसानों की समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब कैसे मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को वर्ष 2026 की समस्याओं का समाधान चाहिए। बार-बार इतिहास के पुराने पन्ने खोलकर वर्तमान की जवाबदेही से बचने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
न्याय मांगने वाली महिला पहलवानों के साथ व्यवहार पर जवाब मांगा
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का गौरव बढ़ाने वाली हरियाणा की ओलंपिक पदक विजेता महिला पहलवानों ने जब न्याय की मांग की, तब उन्हें 28 मई 2023 को जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई और हिरासत का सामना करना पड़ा।
उन्होंने अमित शाह से पूछा कि न्याय मांगने वाली इन बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हुआ और भाजपा नेतृत्व ने अपने प्रभावशाली नेता से जुड़े मामले में जवाबदेही सुनिश्चित क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं हो सकता। हरियाणा की बेटियां न्याय और सम्मान की हकदार हैं।
किसानों की मांगों का समाधान न होने पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हरियाणा के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, फसल खरीद, समय पर भुगतान, उचित मुआवजे और बढ़ती कृषि लागत जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि किसानों की इन जायज मांगों का अब तक समाधान क्यों नहीं हुआ।
वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर अवरोधक, कंक्रीट की दीवारें और लोहे की कीलें लगाकर आंदोलनकारी किसानों का रास्ता रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी किसानों को आतंकवादी और देशविरोधी तक कहा गया, लेकिन अंततः किसानों के संघर्ष के सामने केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े।
दोनों नेताओं ने कहा, “किसानों का अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना अराजकता नहीं है। उनकी अनदेखी करना भाजपा सरकार की विफलता है।” उन्होंने कहा कि भाजपा को किसान आंदोलन को दबाने के अपने अतीत को याद रखना चाहिए।
कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री की उपलब्धता पर सवाल
संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा में हत्याओं, फिरौती, आपराधिक गिरोहों के बीच हिंसा तथा महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों में असुरक्षा बढ़ रही है और पूछा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपराध रोकने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए हैं।
दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की राजनीतिक व्यस्तताओं और विदेश यात्राओं का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इनका प्रदेश के प्रशासन और जनसमस्याओं के समाधान पर क्या असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए जो जनता के बीच उपलब्ध रहे और शासन की जिम्मेदारी निभाए।
कांग्रेस के बढ़ते जनसंपर्क से भाजपा में बेचैनी का दावा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हरियाणा में पार्टी के बढ़ते जनसंपर्क से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संगठन गांवों, कस्बों, मंडियों और चौपालों तक पहुंचकर किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों तथा आम नागरिकों के मुद्दे उठा रहा है।
उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें दिखाई दिया उत्साह लोकतंत्र की रक्षा के प्रति कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों की प्रतिबद्धता का प्रमाण था।
दोनों नेताओं ने कहा, “हमारी लड़ाई रैली की भीड़ की गिनती की नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के वोट और लोकतांत्रिक अधिकार की सुरक्षा की है।”
हर दौरे पर जनता के सवाल उठाएगी कांग्रेस
संयुक्त वक्तव्य में संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने अमित शाह से सवालों से बचने के बजाय जवाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने हरियाणा में कई भाषण दिए, लेकिन चुनावी अनियमितताओं, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले करने, 1984 और बोफोर्स का उल्लेख करने तथा घुसपैठियों के नाम पर राजनीतिक विमर्श खड़ा करने से जनता के सवाल समाप्त नहीं होंगे।
दोनों नेताओं ने कहा, “अमित शाह जी, आप जब-जब हरियाणा आएंगे, कांग्रेस उतनी ही मजबूती और मुखरता से हरियाणा की जनता के सवाल आपके सामने रखेगी। आप जितनी बार ध्यान भटकाने का प्रयास करेंगे, हम उतनी ही ताकत से जवाबदेही की मांग करेंगे।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता के सवालों को दबाव, भय अथवा राजनीतिक नारों के शोर से दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र भाजपा की राजनीतिक जागीर नहीं, बल्कि देश की जनता का अधिकार है और कांग्रेस इस अधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।







