-प्रदूषण पर अंकुश और सड़कों को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान से बचाने की पहल, सरकारी जमीन की तलाश के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित
-एचएसआईआईडीसी और पंचायतों की जमीन में तलाशी जाएगी संभावनाएं, जरूरत के अनुसार एक से अधिक स्थानों पर विकसित किए जाएंगे आरएमसी जोन
गुरुग्राम, 5 नवंबर। गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी ) प्लांटों के अनियंत्रित संचालन से होने वाले वायु प्रदूषण और शहर की सड़कों को भारी वाहनों से पहुंचने वाले नुकसान पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। अब शहर में आरएमसी प्लांटों को व्यवस्थित एवं नियंत्रित तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगमों की सीमा से बाहर निर्धारित आरएमसी जोन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है ।
इस संबंध में आज लघु सचिवालय में हरियाणा सरकार के शहरी विकास के प्रधान सलाहकार श्री डीएस ढेसी की अध्यक्षता में आयोजित 14वीं जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीसी मीणा ने बताया कि गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो आरएमसी प्लांटों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करेगी।
इस कमेटी में डीटीपी एन्फोर्समेंट, जीएमडीए श्री आर एस बाठ को सदस्य सचिव बनाया गया है जबकि जिला प्रशासन, नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी), नगर निगम मानेसर (एमसीएम) और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है ।
श्री डीएस ढेसी ने कहा कि आरएमसी प्लांटों के लिए शहर के बाहर अलग अलग स्थानों पर जोन विकसित करने का विषय इसी माह मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी सामने आया था। उन्होंने कमेटी को निर्देश दिए कि इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और संभावित स्थानों के संबंध में अपनी सिफारिशें बिना किसी देरी के प्रस्तुत करें।
बैठक में निर्देश दिए गए कि नगर निगमों की सीमाओं से बाहर उपलब्ध सरकारी भूमि की पहचान को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए एचएसआईआईडीसी की जमीन के साथ-साथ पंचायतों की भूमि की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग उपयुक्त स्थानों पर एक से अधिक आरएमसी जोन विकसित करने पर भी विचार किया गया, ताकि सभी आरएमसी प्लांटों को नियोजित तरीके से इन जोन में स्थापित एवं संचालित किया जा सके।
इस पहल से शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, सड़कों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी और आरएमसी प्लांटों से होने वाले धूल एवं वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी प्रभावी सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य आरएमसी प्लांटों के संचालन को व्यवस्थित करने के साथ-साथ शहर के पर्यावरण और सार्वजनिक आधारभूत ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।







