श्रीकृष्ण पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा-संघ की चुप्पी पर विद्रोही ने उठाए सवाल

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धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध कार्रवाई की मांग, धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का लगाया आरोप

रेवाडी, 6 नवंबर 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मध्यप्रदेश सरकार से कार्रवाई की मांग की।

विद्रोही ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण में देश-दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था है और यादव समाज भी उन्हें अपना आराध्य मानता है। ऐसे में उनके प्रति किसी भी अपमानजनक टिप्पणी से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने सवाल किया कि सनातन धर्म की रक्षा का दावा करने वाले भाजपा-संघ के नेता इस प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी के पीछे उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जातीय ध्रुवीकरण और यादव समाज को निशाना बनाने की राजनीति है। उनके अनुसार, धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करना समाज में विभाजन और वैमनस्य बढ़ाने वाला कदम है।

उन्होंने पूछा कि अन्य मामलों में धार्मिक भावनाओं के अपमान का मुद्दा उठाने वाले नेता भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित कथित टिप्पणी पर मौन क्यों हैं। विद्रोही ने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा और संघ से भी इस विषय पर अपना रुख सार्वजनिक करने की मांग की।

विद्रोही ने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण को जातीय खांचों में बांटने का कोई भी प्रयास अनुचित है। धर्म का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने और कथावाचकों के माध्यम से समाज में कटुता बढ़ाने की प्रवृत्ति का विरोध होना चाहिए।

उन्होंने आमजन से अपील की कि धार्मिक आस्था के नाम पर समाज को बांटने वाली बयानबाजी से सावधान रहें तथा आपसी भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखें।

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Author: Bharat Sarathi

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