प्रदूषण और गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम की सख्ती, 12 दिनों में 397 चालान कर लगाया 26.35 लाख रुपये का जुर्माना

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पॉलिथीन उपयोग के 140 और धूल नियंत्रण संबंधी आदेशों की अवहेलना के 54 चालान, कचरा जलाने पर भी 39 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

गुरुग्राम, 4 नवंबर। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। निगम की विभिन्न प्रवर्तन टीमों ने 24 अक्टूबर से 4 नवंबर तक की अवधि में अलग-अलग उल्लंघनों के मामलों में कुल 397 चालान जारी करते हुए 26,35,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई में पॉलिथीन के इस्तेमाल, खुले में कचरा जलाने, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट फैलाने, धूल नियंत्रण के नियमों की अवहेलना और कचरे की अनुचित डंपिंग जैसे मामले शामिल हैं।

नगर निगम की ओर से जारी चालान रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित पॉलिथीन के उपयोग के मामलों में सर्वाधिक 140 चालान किए गए और 1,05,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, धूल नियंत्रण से संबंधित निगमायुक्त के आदेशों का पालन नहीं करने पर 54 चालान जारी किए गए, जिनके माध्यम से 13,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि निगम प्रशासन धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने और निर्माण गतिविधियों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को प्राथमिकता दे रहा है।

कचरा जलाने और सीएंडडी वेस्ट पर भी कार्रवाई

खुले में कचरा जलाने के मामलों में नगर निगम की टीमों ने 39 चालान करते हुए 1,95,000 रुपये का जुर्माना लगाया। निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट के नियमों का उल्लंघन करने पर 17 चालान जारी किए गए और 4,85,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, बिना ढके निर्माण सामग्री अथवा अन्य सामग्री ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ 15 चालान कर 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

जल संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई। पानी की बर्बादी के मामलों में 31 चालान कर 57,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि खुले में शौच के मामलों में 9 चालान जारी कर 4,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। सेप्टेज संबंधी उल्लंघन पर एक चालान के माध्यम से 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कचरा प्रबंधन और नालों में अवैध कनेक्शन पर भी निगरानी

कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। कूड़ेदान उपलब्ध नहीं होने के मामलों में 67 चालान जारी किए गए और 33,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। बल्क वेस्ट के अनुचित तरीके से डालने के एक मामले में 25,000 रुपये तथा गैर-बल्क कचरा डालने और स्टॉर्म वाटर ड्रेन में अवैध कनेक्शन के 16 मामलों में कुल 1,60,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, पशुओं के गोबर से संबंधित 3 चालान कर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। निर्माण कार्यों नियमों का पालन नहीं करने के एक मामले में 30,000 रुपये का चालान किया गया, जबकि धूल नियंत्रण संबंधी अन्य उल्लंघनों के 3 मामलों में 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

नियमों का पालन करें, शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में सहयोग दें : निगमायुक्त

नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम द्वारा लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि खुले में कचरा जलाना, निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाना, सीएंडडी वेस्ट का अनुचित निस्तारण और धूल नियंत्रण संबंधी निर्देशों की अवहेलना जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों से अपील है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें। खुले में कचरा न जलाएं, कचरे का उचित निस्तारण करें, निर्माण सामग्री को ढककर रखें और धूल नियंत्रण के सभी उपाय अपनाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हमारा उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि गुरुग्राम को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाना है।

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Author: Bharat Sarathi

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