पं. मांगेराम शर्मा की जयंती से निकला एकजुटता, सम्मान और अधिकारों का संदेश

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उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा नौ सूत्रीय ज्ञापन

महाबल मिश्रा बोले—समाज को संगठित करने में समर्पित रहा पंडित मांगेराम शर्मा का जीवन

हापुड़। (लोकेश शर्मा) पंडित मांगेराम शर्मा के विचारों को आगे बढ़ाने, समाज को एकजुट रखने और शिक्षा, सुरक्षा व सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संगठित प्रयास करने के संदेश के साथ उनकी जयंती मनाई गई। विश्व ब्राह्मण संघ (भारत) की हापुड़ जिला इकाई की ओर से 31 अक्टूबर को सिंभावली स्थित राजेश्वरी शर्मा स्मारक पब्लिक स्कूल में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके उद्देश्यों को जनकल्याण के कार्यों में बदलना है। समारोह में उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन सहित नौ मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम गढ़मुक्तेश्वर के उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।

समारोह के संबंध में जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य अतिथि दिल्ली के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा और विश्व ब्राह्मण संघ ( भारत ) के चेयरमैन पंडित रविकांत शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर तथा स्वर्गीय पंडित मांगेराम शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नई दिल्ली के विकासपुरी स्थित श्री मूकांबिका मंदिर, श्री शारदा पीठम शृंगेरी शाखा से आए पंडित प्रकाश चंद्र सहित विद्वानों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित रविकांत शर्मा ने की और संचालन कवि डॉ. अनिल वाजपेयी ने किया। अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि महाबल मिश्रा ने पंडित मांगेराम शर्मा से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उनके विचारों और मार्गदर्शन का सान्निध्य मिलना उनके जीवन का सौभाग्य रहा। उन्होंने कहा कि पंडित मांगेराम शर्मा ने अपना संपूर्ण जीवन ब्राह्मण समाज को संगठित करने में लगा दिया। उनसे प्रेरणा लेकर बने अनेक संगठन आज भी समाज को जोड़ने के कार्य में जुटे हैं। उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी संवाद और एकजुटता आवश्यक है।

अपने पिता को स्मरण करते हुए पंडित रविकांत शर्मा ने कहा कि विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक के उद्देश्यों को आगे बढ़ाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज को अपनी एकता मजबूत करते हुए सम्मान और अधिकारों के लिए संगठित प्रयास करने होंगे। उन्होंने “जो ब्राह्मण का सम्मान करेगा, वही देश पर राज करेगा” का नारा भी दिया।

समारोह में वक्ताओं ने पंडित मांगेराम शर्मा के जीवन, सामाजिक योगदान और संगठन निर्माण के प्रयासों पर विचार रखे। आयोजन से यह संदेश उभरा कि जयंती की सार्थकता स्मरण के साथ उन मुद्दों पर निरंतर काम करने में है, जिनका संबंध समाज के कल्याण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है।

ज्ञापन में सामाजिक कल्याण के साथ तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर जोर

पंडित रविकांत शर्मा ने प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन पढ़कर सुनाया और उसे उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक स्वर्गीय पंडित मांगेराम शर्मा को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने तथा उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के उत्थान, कल्याण, सुरक्षा और सम्मान के लिए ब्राह्मण कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की गई।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के जिस प्रावधान पर संगठन ने आपत्ति जताई है, उसे विद्यार्थियों के भविष्य के हित में वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। हालांकि, उपलब्ध विज्ञप्ति में संबंधित प्रावधान का नाम स्पष्ट नहीं किया गया है।

ब्रजघाट में भगवान परशुराम की विशाल प्रतिमा स्थापित करने और एक घाट का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों तथा वंशावली का अभिलेख रखने वाले ब्राह्मणों को घाट पर पक्की दुकानें आवंटित करने का आग्रह किया गया।

ज्ञापन में गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को भी प्रमुखता दी गई। कार्तिक गंगा स्नान और दीपदान के दौरान गड्ढामुक्त सड़कें, गंगा में गोताखोरों की तैनाती, पर्याप्त पुलिस व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य जनसुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई। भीषण जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए गढ़मुक्तेश्वर तथा ब्रजघाट के बीच स्थित पथकर नाके पर कार्तिक गंगा स्नान से 48 घंटे पहले और 48 घंटे बाद तक पथकर वसूली से छूट देने का आग्रह किया गया।

भगवान परशुराम जयंती अर्थात अक्षय तृतीया पर राष्ट्रीय राजपत्रित अवकाश घोषित करने और दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क का नाम भगवान श्री परशुराम पार्क रखने की मांग भी की गई।तथा उसी पार्क में भगवान श्री परशुराम जी की 121 फ़ीट की प्रतिमा स्थापित हो।

समारोह में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंबिका प्रसाद शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित सोमदत्त शर्मा, राष्ट्रीय सचिव पंडित संजय कौशिक, उत्तर प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष पंडित मायाप्रकाश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित गोपाल शर्मा, पंडित अजय शर्मा, मेरठ मंडल के प्रचार-प्रसार प्रभारी पंडित लोकेश शर्मा, हापुड़ जिलाध्यक्ष पंडित आशीष शर्मा, प्रधानाचार्य एवं जिला उपाध्यक्ष पंडित देवेंद्र शर्मा तथा जिला प्रचार-प्रसार प्रभारी सुनील शर्मा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त सुरेश कुमार गौतम, अनिल कुमार, नानक चंद शर्मा, प्रेमानंद शर्मा, मूलचंद शर्मा, विष्णुदत्त शर्मा, पूर्व प्रधान विजय शर्मा, मूलचंद भारद्वाज, गौरव शर्मा और सोनू शर्मा सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

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Author: Bharat Sarathi

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