डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित

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*बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम और साइबर सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक*

गुरुग्राम, 27 अक्टूबर- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा मंगलवार को जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए गुरुग्राम के अध्यक्ष नरेन्द्र सुरा के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, यौन शोषण से बचाव और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा के नेतृत्व में आयोजित शिविरों में विधिक सेवा प्रतिनिधियों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सुरक्षित रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

*विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को दी गई जानकारी*

अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इस्लामपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बॉयज गुरुग्राम, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय सेक्टर-4/7, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुखराली, कार्टरपुरी, केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल गुरुग्राम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वजीराबाद, झाड़सा, दौलताबाद, धनकोट, मकड़ौला, सिविल लाइंस, गढ़ी हरसरू और बादशाहपुर में जागरूकता शिविर लगाए गए।

इसके अतिरिक्त राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय सेक्टर-5, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनवापुर, अतुल मेमोरियल हाई स्कूल झाड़सा, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय कादीपुर, ब्लू बेल्स मॉडल स्कूल सेक्टर-4 तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मानेसर में भी विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

*छह प्रमुख विषयों पर दी गई जानकारी*

शिविरों में बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सीमाओं और सुरक्षित वातावरण में रहने के महत्व के बारे में बताया गया। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम), बाल विवाह एवं बाल शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

जागरूकता गतिविधियां छह प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहीं। इनमें ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ और ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ शामिल रहे।

*ऑनलाइन सुरक्षा और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश*

विद्यार्थियों को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखने तथा साइबर बुलिंग और ऑनलाइन शोषण से बचने के तरीके बताए गए। उन्हें समझाया गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में चुप न रहें और अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लें।

*हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी*

शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।

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Author: Bharat Sarathi

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