– हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 31 पदक हासिल किए
– अध्यक्ष आरती सिंह राव ने खिलाड़ियों को दी बधाई
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर – जापान में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है, जिसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने अहम योगदान देते हुए 9 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक सहित कुल 31 पदक हासिल किए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने हरियाणा को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाई है।
हरियाणा के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ हरियाणा की अध्यक्ष आरती सिंह राव ने एशियन पैरा गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ, परिवारजनों और खेल से जुड़े सभी अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा के पैरा खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की अटूट कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण, परिवारों के निरंतर सहयोग तथा खेल संगठनों के प्रयासों का ही सुखद परिणाम है।
आरती सिंह राव ने पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में देश में पैरा खेलों को जिस तरह से प्रोत्साहन मिल रहा है, उससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इन जांबाज खिलाड़ियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिखाया है कि शारीरिक चुनौतियां किसी भी खिलाड़ी के लिए बाधा नहीं बन सकतीं, यदि उसके पास दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और मेहनत का बल हो। इन खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली युवा पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत का काम करेगी।
प्रतियोगिता के कुल नतीजों पर नजर डालें तो भारत 30 स्वर्ण सहित कुल 114 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। इससे पहले वर्ष 2022 में भारत ने 111 पदक जीते थे। इस बार का यह प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेष रूप से, भारतीय दल के कुल स्वर्ण पदकों में अकेले हरियाणा की लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रदेश के खिलाड़ियों की अद्वितीय प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
हरियाणा के खिलाड़ी सुमित अंतिल (जैवलिन) , हनी (जैवलिन थ्रो) , प्रणव सूरमा (क्लब थ्रो), हरविंदर सिंह (तीरंदाजी), संदीप कुमार (400 मीटर दौड़),नितेश कुमार (बैडमिंटन), धर्मवीर (क्लब थ्रो),सुमित (जैवलिन थ्रो) तथा रिंकू ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है। इनमें हरियाणा के रोहतक जिले के खिलाड़ी हनी ने जैवलिन थ्रो की F37 श्रेणी में 60.49 मीटर का थ्रो करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की उपलब्धि हासिल की। वहीं, हिसार के संदीप कुमार ने T44 श्रेणी की 400 मीटर दौड़ में 52.28 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया।
इस प्रकार , भावना (तीरंदाजी), पूजा (तीरंदाजी), प्रमोद (1500 मीटर दौड़), नितेश कुमार (बैडमिंटन), कोकिला (जुडो),मनीष नरवाल (शूटिंग),अशोक मालिक (पावरलिफ्टिंग) तथा मंजीत एवं कपिल कुमार ने भी अपने -अपने खेल में रजत पदक जीते हैं। इनके अलावा , नवदीप (जैवलिन थ्रो), हिमांशु (तैराकी), धरमबीर (क्लब थ्रो),अजय कुमार (400 मीटर दौड़) समेत प्रदीप, सुखचैन, करमजोत, हनी, रोहित , संदीप, प्रवीन एवं राहुल ने अपने अपने खेल में कांस्य पदक जीते हैं।
आरती सिंह राव ने सभी पदक विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी भविष्य में भी देश के लिए इसी प्रकार गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे।








