सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के तहत सड़कों के पुनर्विकास और धूल नियंत्रण उपायों की होगी समीक्षा, निगमायुक्त ने जारी किए आदेश
गुरुग्राम, 24 अक्टूबर। शहर में धूल प्रदूषण पर नियंत्रण सुनिश्चित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी आदेश के तहत सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन और धूल नियंत्रण उपायों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस आदेश का उद्देश्य सड़कों के पुनर्विकास के बाद किए गए कार्यों का सत्यापन करना और संबंधित सड़कों पर धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए उपायों की समीक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए अधिकारियों को जोनवार निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि निर्धारित कार्यों की प्रगति और धूल नियंत्रण उपायों की स्थिति का आकलन किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जोनवार जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार जोन -1 व जोन -2 की निगरानी निगमायुक्त स्वयं करेंगे। वहीं अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी जोन -3 व जोन -4, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका जोन -5 व जोन -6 तथा अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव सभी जोन में हॉर्टिकल्चर संबंधी कार्यों की निगरानी करेंगे। इस व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के अंतर्गत किए गए कार्यों और धूल नियंत्रण उपायों की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
सड़कों के पुनर्विकास और धूल नियंत्रण उपायों का होगा सत्यापन
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निगरानी के दौरान सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के अंतर्गत पुनर्विकसित की गई सड़कों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, इन सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए लागू किए गए उपायों का भी आकलन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह जांचने पर ध्यान दिया जाएगा कि संबंधित सड़कों पर धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित उपायों को किस प्रकार लागू किया गया है। अधिकारियों की निगरानी से संबंधित कार्यों की प्रगति और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
हॉर्टिकल्चर, तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन कार्यों की भी समीक्षा
अतिरिक्त निगमायुक्त रविंदर यादव को सभी जोन में हॉर्टिकल्चर संबंधी कार्यों की समीक्षा एवं सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अंतर्गत संबंधित कार्यों के आंकड़ों और प्रगति की जांच की जाएगी। आदेश के अनुसार, हॉर्टिकल्चर कार्यों के साथ-साथ तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान में शामिल इन कार्यों की प्रगति और उपलब्ध जानकारी का सत्यापन करना है।
इंजीनियरिंग अधिकारियों को रिकॉर्ड और तकनीकी सहयोग देने के निर्देश
आदेश में चीफ इंजीनियर तथा संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को निगरानी करने वाले अधिकारियों को आवश्यक रिकॉर्ड, तकनीकी सहायता और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों को जोनवार आंकड़े उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इनमें सड़कों के विवरण और निगरानी से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी, ताकि निरीक्षण और समीक्षा की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की जा सके।
धूल प्रदूषण नियंत्रण पर निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार यह आदेश शहर में धूल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की निगरानी को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जोनवार जिम्मेदारियां निर्धारित होने से सड़कों के पुनर्विकास, धूल नियंत्रण उपायों, हॉर्टिकल्चर कार्यों, तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन से संबंधित कार्यों की समीक्षा के लिए स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए है। नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार निगरानी, सत्यापन और आवश्यक तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करना होगा।








