मार्केट कमेटी कार्यालयों पर सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक तालाबंदी का ऐलान; खरीद की पाबंदियां और अवैध कटौती हटाने की मांग
हिसार, 11 अक्टूबर। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर फसल खरीद में किसानों की कथित लूट के खिलाफ 14 अक्टूबर को प्रदेशभर के मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तीन घंटे तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा हिसार के जिला प्रधान कपूर सिंह बगला और जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया ने बताया कि प्रदर्शन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उसी दिन आगामी आंदोलन के बड़े निर्णय घोषित किए जाएंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर किसानों के मुद्दों पर प्रदेशभर में एकजुट संघर्ष करने का निर्णय लिया है। आंदोलन की शुरुआत मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे फसल बिकने, खरीद पर लगाई गई शर्तों और कथित अवैध कटौती के विरोध से की जाएगी।
खरीद सीमा और पोर्टल की शर्तों पर सवाल
कपूर सिंह बगला और सरबत सिंह पूनिया ने आरोप लगाया कि धान और बाजरे की प्रति एकड़ खरीद सीमा, जिले संबंधी पाबंदियों तथा पोर्टल की प्रक्रियाओं के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खरीद व्यवस्था को सरल बनाने के बजाय ऐसी शर्तें लगाई जा रही हैं, जिनसे किसान अपनी उपज कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
नेताओं ने दावा किया कि किसानों को धान के लिए 2,461 रुपये और बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल की बताई गई समर्थन दरों से कम भाव मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य नहीं मिलने के लिए जिम्मेदार कौन है?
उन्होंने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पंजाब में न्यूनतम समर्थन मूल्य के नाम पर वोट मांगती है, जबकि हरियाणा में किसानों को उचित दाम दिलाने में सरकार विफल रही है। किसान नेताओं ने मांग की कि खरीद पर अनावश्यक पाबंदियां हटाई जाएं, अवैध कटौती रोकी जाए और किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
मोर्चा ने किसानों से अपील की कि जहां भी फसल तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे खरीदी जा रही है, वहां किसान सामने आकर विरोध दर्ज कराएं और 14 अक्टूबर के प्रदर्शन में भाग लें।
दिल्ली में कार्रवाई की निंदा, रिहाई की मांग
किसान सभा नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण—एसआईआर—के विरोध से जुड़े आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के प्रयास से सरकार के खिलाफ जनाक्रोश और बढ़ेगा।
उन्होंने दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे छात्र-युवाओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया और गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि रिहाई नहीं होने पर किसान मोर्चा भी इस आंदोलन में शामिल होकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगा।
बिजली वितरण निजी हाथों में देने का विरोध
कपूर सिंह बगला और सरबत सिंह पूनिया ने बिजली वितरण का काम निजी कंपनियों को सौंपने का भी विरोध किया। उन्होंने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को बिजली वितरण लाइसेंस देने संबंधी कदम पर आपत्ति जताते हुए इसे बिजली विभाग को बड़े पूंजीपतियों के हवाले करने की दिशा में प्रयास बताया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान संगठन बिजली के निजीकरण का डटकर विरोध करेंगे।








