*ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की मांगों बारे मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा*
*भारी भरकम जुर्मानों के खिलाफ व मांगों को लेकर होगा आंदोलन*

हिसार, 9 अक्टूबर! आज दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर आज ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की मांगों को लेकर जिला प्रधान जवाहर सैनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त हिसार को ज्ञापन सौंपा। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इस मौके पर दी ट्रासंपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा के राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा के राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया ने कहा असंगठित ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स (ड्राईवर ,क्लीनर व अन्य ) यात्रियों ओर सामानों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए चौबीसों घण्टे सड़को पर रहते है। इनको अत्यधिक गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी सभी प्रतिकूल मौसमी स्थितियों में भी काम करना पड़ता है। काम की प्रकति बहुत ही जोखिम भरी है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 85% यात्रियों और 66% माल का परिवहन अकेले सड़क परिवहन द्वारा होता है। इसमें ट्रक, बस, कैंटर, डंपर, टेम्पू, टेक्सी, पिक-अप, थ्री व्हीलर, ई रिक्शा इत्यादि के ड्राइवर्स व क्लीनर की मुख्य भूमिका होती है।
सरबत पूनिया ने कहा देश की आजादी के 79 साल बाद भी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की नौकरी की कोई सुरक्षा नही है। इन पर कोई श्रम कानून लागू नहीं होता। काम के कोई घण्टे निश्चित नही है। साप्ताहिक रेस्ट , पीएफ व ईएसआई तथा पेंशन इत्यादि की कोई सुविधा नही है। इस कारण देश के विकास में मुख्य भूमिका अदा करने वाले ड्राइवर्स व वाहन चालकों की हालत दयनीय बनी हुई है। यही नही ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को हर दिन सड़क पर पुलिस व परिवहन अधिकारियों द्वारा अपमानित किया जाता है। लूट-खसूट के साथ कई बार तो ड्राइवर्स के साथ मार-पीट तक कर दी जाती है। ड्राइवर्स को अधिकारी अपना गुलाम समझते है।
जिला प्रधान जवाहर लाल सैनी, राज्य उप प्रधान यादवेन्द्र फोगाट व सह सचिव सुरेंद्र मान ने कहा पिछले सालों में केंद्र की सरकार ने कार्पोरेट्स घरानों के हित मे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर कई हमले किए है। इनमें मुख्यतः वाहन स्क्रैप पॉलसी, इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी, भारी भरकम टोल टैक्स वसूली एवं डीजल , पेट्रोल व सीएनजी रेट बढ़ोतरी तथा चालान की राशि दस गुणा तक बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा छोटी छोटी गलतियों पर व्हीकलों के कई-कई हजार जूर्माना लगाकर सरकार लुट खसोट कर रही है। उन्होंने कहा भारी भरकम जुर्मानों के खिलाफ व मांगों को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
*मुख्य मांगें:-*
● भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) व (2) में सजा व जुर्माने को वापिस लिया जाए। इस बारे संसद में आवश्यक संशोधन लाया जाए।
● दुर्घटना की जांच तकनीकी विशेषज्ञ की टीम के साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की जाए।
● असंगठित क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (ड्राईवर, क्लीनर व अन्य) को श्रम कानूनो अनुसार :-
1) नोकरी की सुरक्षा दी जाए।
2) प्रतिदिन 8 घण्टे की ड्यूटी, साप्ताहिक रेस्ट व न्यूनतम वेतन 42 हज़ार लागू किया जाए।
3) पीएफ, ईएसआई तथा 60 वर्ष की उम्र होने पर 21 हज़ार रु मासिक पेंशन की सुविधा लागु की जाए।
4) कल्याण कोष बोर्ड का गठन किया जाए।
5) ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को आसान किस्तों पर ब्याज मुक्त लोन दिया जाए।
5) आटोरिक्शा, ई-रिक्शा व टैक्सी का बिमा सरकार द्वारा करवाया जाए। तथा इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
० सभी शहरों में बस स्टैंडों के आसपास आटोरिक्शा, ई-रिक्शा व टैक्सी स्टैंड के लिए स्थान का प्रबंध किया जाए।
● मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधनों को वापिस लिया जाए।
● डीजल, पेट्रोल, सीएनजी व इंश्योरेंस के बढ़ाए गए रेट/प्रीमियम वापिस लिए जाए। टोल वसूली बंद की जाए।
● वाहन स्क्रैप पॉलसी अनिवार्य की बजाए ऐच्छिक की जाए।
● रोडवेज ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (RTC) को मजबूत बनाया जाए। सरकारी साधारण बसों, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, रखरखाव व संचालन के लिए आरटीसी को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
इस मौके पर जवाहर लाल सैनी,राज्य उप प्रधान यादवेन्द्र फोगाट, सह सचिव सुरेंद्र मान, सुरेन्द्र ढाका , विशाल सैनी, विनोद कुमार , सुरेश सैनी , अनूप कुमार , रोहतास , ओमप्रकाश , ब्रिजेश , रविन्द्र सिहाग , विक्की वर्मा , बलविंदर जांगड़ा , प्रदीप सोनी , संदीप भाक्कर, प्रदीप कुमार,रामभज पंडित, प्रदीप सोनी, ईश्वर सिंह आदि नेताओं ने सरकार की ट्रांसपोर्ट वर्कर्स विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।







